संवाददाता: अखिलेश गौतम
सीतापुर। विकासखंड पिसावां में तैनात ग्राम पंचायत सचिव विनय प्रताप की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्राम पंचायत देवकली बेनियापुर और ठकुरेपुर के ग्रामीणों ने सचिव पर सरकारी योजनाओं में लाखों रुपये के फर्जीवाड़े का आरोप लगाया है। आरोप यह भी कि बिना एमबी किए लाखों रुपए का भुगतान कर दिया। इतना ही नहीं सूत्र यह भी कहते हैं कि सचिव बेखौफ होकर एक कार्य का दो बार भुगतान कर बंदर बांट कर लिया।
ग्रामीणों का कहना है कि सचिव द्वारा विकास कार्यों में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा कर योगी सरकार को लाखों का चूना लगा दिया।
BDO ने जारी की नोटिस, पर असर जीरो
मामले की शिकायत मिलने के बाद खंड विकास अधिकारी पिसावां ने संज्ञान लेते हुए सचिव विनय प्रताप को नोटिस जारी की थी। लेकिन आरोप है कि नोटिस जारी होने के बाद भी सचिव की कार्यशैली में कोई बदलाव नहीं आया। वह आज भी बेखौफ होकर कार्य कर रहा है।
इसको लेकर ग्रामीणों में काफी आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि नोटिस जारी हुई, कार्यवाही जीरो?
ग्रामीणों का सबसे बड़ा सवाल है कि कब होगी रिकवरी और कब होगी कार्रवाई?
ग्रामीणों का कहना है यदि जल्द से जल्द उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषी सचिव के खिलाफ निलंबन और रिकवरी की कार्रवाई नहीं की गई तो वे सभी साक्ष्यों के साथ जिलाधिकारी को पत्र सौंपकर धरना प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे।
फिलहाल मामले से ग्रामीणों में नाराजगी और बढ़ती जा रही है। अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है।








