बारिश बनी राहत भी, आफत भी, सरकारी दफ्तरों में जाने के लिए पानी में जाने को महिलाएं मजबूर, सड़कों पर जलभराव से लोग बेहाल
एंकर = बरेली में करीब दो घंटे तक हुई मूसलाधार बारिश ने नगर निगम के जल निकासी के दावों की पोल खोलकर रख दी। चार दिन की भीषण गर्मी के बाद बारिश ने लोगों को राहत तो दी, लेकिन शहर के कई इलाकों में जलभराव ने आम जनजीवन को प्रभावित कर दिया।
सबसे चौंकाने वाली तस्वीरें कलेक्ट्रेट परिसर से सामने आईं, जहां लगभग एक फुट तक पानी भर गया। सरकारी काम से पहुंची महिलाओं और अन्य लोगों को पानी के बीच होकर गुजरने के लिए मजबूर होना पड़ा।
वहीं जगतपुर क्षेत्र, हजियापुर और संजय नगर समेत कई मोहल्लों में सड़कों पर पानी भरने से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
कई जगह नालियां उफान पर दिखीं और जल निकासी व्यवस्था पूरी तरह चरमराती नजर आई।
बारिश के बाद शहर की कई सड़कें तालाब जैसी दिखाई दीं, जिससे वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
दूसरी ओर, लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे किसानों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी। उनका कहना है कि इस बारिश से धान और अन्य खरीफ फसलों को बड़ा फायदा मिलेगा।
अब सवाल यह है कि हर बारिश में जलभराव की समस्या आखिर कब खत्म होगी और जिम्मेदार विभाग इससे निपटने के लिए क्या ठोस कदम उठाएगा?






