क्या सरकार CJP से किया अपना वादा निभा रही है या फिर पीछे हट रही है? प्रदर्शन खत्म होने के बाद भी कई राज्यों में प्रदर्शनकारियों पर दर्ज FIR अब तक वापस नहीं ली गई हैं। कई छात्रों और कार्यकर्ताओं से पुलिस पूछताछ जारी है। ऐसे में CJP का आरोप है कि सरकार ने समझौते की शर्तों का पालन नहीं किया और यदि यही स्थिति रही तो आंदोलन फिर से शुरू हो सकता है।
सरकार और CJP के बीच हुई बातचीत के बाद दावा किया गया था कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लिया जाएगा और नए मामले दर्ज नहीं किए जाएंगे। इसी भरोसे पर आंदोलन स्थगित किया गया था। लेकिन CJP का कहना है कि कई जगह अब भी FIR वापस नहीं ली गई हैं और प्रदर्शन में शामिल लोगों को पुलिस नोटिस भेजकर पूछताछ के लिए बुला रही है।
CJP ने आरोप लगाया है कि सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। संगठन का कहना है कि सरकार ने 25 जुलाई को जो आश्वासन दिया था, उसके विपरीत कार्रवाई जारी है। CJP ने साफ चेतावनी दी है कि यदि प्रदर्शनकारियों को निशाना बनाया गया या FIR वापस नहीं ली गईं तो देशभर में दोबारा आंदोलन शुरू किया जाएगा।
सरकार का वादा: FIR वापस लेने का आश्वासन
CJP का आरोप: कई मामलों में कार्रवाई जारी
प्रदर्शनकारियों से पूछताछ और नोटिस
दोबारा आंदोलन की चेतावनी
फिलहाल सरकार की ओर से कुछ राज्यों में मामलों की समीक्षा और FIR वापस लेने की प्रक्रिया शुरू होने के संकेत मिले हैं, लेकिन CJP का कहना है कि यह पर्याप्त नहीं है और सभी वादों को पूरी तरह लागू किया जाना चाहिए। अब सबकी नजर इस बात पर है कि सरकार अपने आश्वासनों को किस तरह लागू करती है और क्या इससे आंदोलन की वापसी टल पाएगी।






