मध्य पूर्व की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। अमेरिका और ईरान ने आपसी तनाव कम करने और संबंधों को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते को दोनों देशों के बीच लंबे समय से चली आ रही दुश्मनी को खत्म करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।बताया जा रहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के बीच हुई बातचीत के बाद यह सहमति बनी। समझौते का उद्देश्य क्षेत्रीय स्थिरता बढ़ाना, कूटनीतिक संवाद को मजबूत करना और टकराव की संभावनाओं को कम करना है।इस घटनाक्रम पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भी नजर बनी हुई है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे शांति और सहयोग की दिशा में अहम कदम बताया है। उनका कहना है कि संवाद ही किसी भी विवाद का स्थायी समाधान हो सकता है।विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह समझौता प्रभावी ढंग से लागू होता है तो मध्य पूर्व में लंबे समय से बने तनावपूर्ण माहौल में कमी आ सकती है और क्षेत्रीय सुरक्षा को मजबूती मिल सकती है।फिलहाल दुनिया की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि दोनों देश इस समझौते के तहत किए गए वादों को किस तरह अमल में लाते हैं और इसका वैश्विक राजनीति पर क्या असर पड़ता है।
आखिर खत्म हुआ पश्चिम एशिया संघर्ष बहुप्रतीक्षित समझौते पर हस्ताक्षर ट्रंप और ईरानी राष्ट्रपति…..





