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UGC रेगुलेशन एक्ट-2026 के विरोध में 15 हजार किलोमीटर की जनजागरण यात्रा, 23 अगस्त को दिल्ली में महापंचायत

बरेली। UGC रेगुलेशन एक्ट-2026 को लेकर समस्त सवर्ण समाज की ओर से देशव्यापी जनजागरण अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत करीब 15 हजार किलोमीटर लंबी जनजागरण वाहन यात्रा निकाली जा रही है। आयोजकों के मुताबिक यात्रा का उद्देश्य विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों, शिक्षाविदों और आम नागरिकों को एक्ट से जुड़े मुद्दों और उसकी कथित विसंगतियों के बारे में जागरूक करना है। अभियान का समापन 23 अगस्त को नई दिल्ली में आयोजित “UGC रोलबैक सवर्ण आक्रोश महापंचायत” के रूप में होगा।

15 हजार किलोमीटर की वाहन यात्रा

बरेली में आयोजित प्रेस वार्ता में डॉ. राज शेखावत ने अभियान की जानकारी देते हुए बताया कि जनजागरण वाहन यात्रा राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और दिल्ली समेत विभिन्न राज्यों और जिलों से होकर गुजर रही है। यात्रा के दौरान अलग-अलग स्थानों पर सामाजिक संगठनों, विद्यार्थियों, शिक्षकों और आम नागरिकों से संवाद किया जा रहा है।

आयोजकों के अनुसार यात्रा केवल वाहन रैली तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में जनसंवाद और जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं। अलग-अलग स्थानों पर पंचायत, सम्मेलन, प्रेस वार्ता और सामाजिक संगठनों के साथ बैठकें की जा रही हैं।

पंचायत और जनसंवाद के जरिए अभियान

अभियान के दौरान आयोजक UGC रेगुलेशन एक्ट-2026 से जुड़े प्रावधानों और उन पर उठाई जा रही आपत्तियों के बारे में लोगों को जानकारी दे रहे हैं। आयोजकों का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े किसी भी बदलाव का सीधा प्रभाव विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों पर पड़ता है। ऐसे में इस विषय पर व्यापक चर्चा और संवाद आवश्यक है।

इसी उद्देश्य से अभियान के दौरान अलग-अलग वर्गों के लोगों से बातचीत कर उनकी राय भी जानने का प्रयास किया जा रहा है। आयोजकों का दावा है कि लोकतांत्रिक तरीके से जनमत तैयार करना ही इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य है।

शिक्षा में न्याय और समान अवसर का संदेश

जनजागरण अभियान के लिए आयोजकों ने “जन-जन तक संवाद, शिक्षा में न्याय और समान अवसर की मांग” को मुख्य संदेश बनाया है। आयोजकों के अनुसार अभियान के जरिए शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर समाज के विभिन्न वर्गों को एक मंच पर लाने का प्रयास किया जा रहा है।

उनका कहना है कि विद्यार्थियों और युवाओं के भविष्य से जुड़े विषयों पर व्यापक स्तर पर चर्चा होनी चाहिए। इसी क्रम में शिक्षाविदों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों को अभियान से जोड़ने की कोशिश की जा रही है।

23 अगस्त को दिल्ली में महापंचायत

15 हजार किलोमीटर की जनजागरण यात्रा का समापन 23 अगस्त को नई दिल्ली में प्रस्तावित महापंचायत के साथ होगा। आयोजकों के मुताबिक शाह ऑडिटोरियम में दोपहर 1:15 बजे “UGC रोलबैक सवर्ण आक्रोश महापंचायत” आयोजित की जाएगी।

महापंचायत में देशभर से सवर्ण समाज के प्रतिनिधियों, विद्यार्थियों, शिक्षाविदों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों के पहुंचने की बात कही गई है। आयोजकों ने इसे अभियान का महत्वपूर्ण पड़ाव बताया है।

व्यापक भागीदारी की अपील

आयोजकों ने विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों, बुद्धिजीवियों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों से महापंचायत में सहभागिता की अपील की है। उनका कहना है कि अभियान के माध्यम से अपनी बात लोकतांत्रिक तरीके से सरकार और संबंधित प्राधिकरण तक पहुंचाई जाएगी।

प्रेस वार्ता में अभियान का नेतृत्व कर रहे डॉ. राज शेखावत, पूर्व-BSF, संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष, क्षत्रिय करणी सेना एवं अखंड करणी पार्टी ने जनजागरण यात्रा और प्रस्तावित महापंचायत को लेकर जानकारी साझा की।

सरकार की प्रतिक्रिया पर नजर

फिलहाल UGC रेगुलेशन एक्ट-2026 को लेकर शुरू किए गए इस जनजागरण अभियान और 23 अगस्त को होने वाली दिल्ली महापंचायत पर नजर बनी हुई है। आयोजकों की ओर से एक्ट को लेकर कई मुद्दे और मांगें उठाई जा रही हैं। ऐसे में अब देखना होगा कि इन मांगों पर केंद्र सरकार, UGC और संबंधित प्राधिकरण की ओर से क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।

आयोजकों ने स्पष्ट किया है कि अभियान का उद्देश्य लोगों के बीच संवाद स्थापित करना और शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखना है। 23 अगस्त की महापंचायत में जुटने वाली भीड़ और वहां उठाए जाने वाले मुद्दों से यह भी स्पष्ट होगा कि UGC रेगुलेशन एक्ट-2026 को लेकर विरोध का यह अभियान आगे किस दिशा में बढ़ता है।

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