दिल्ली और महाराष्ट्र में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर चुनाव आयोग ने शेड्यूल में बदलाव किया है। आयोग के संशोधित कार्यक्रम के मुताबिक दोनों राज्यों में SIR के लिए 1 अक्टूबर 2026 को क्वालिफाइंग डेट रखा गया है और प्रक्रिया से जुड़े चरणों की नई समयसीमा तय की गई है।
संशोधित कार्यक्रम के अनुसार दिल्ली और महाराष्ट्र समेत संबंधित राज्यों में 30 जून से 29 जुलाई तक BLOs की ओर से घर-घर जाकर जानकारी जुटाने का चरण रखा गया था। ड्राफ्ट मतदाता सूची 5 अगस्त को प्रकाशित होनी थी, जबकि दावे और आपत्तियां 5 अगस्त से 4 सितंबर तक दर्ज की जानी थीं।
इसके अलावा चुनाव आयोग ने SIR प्रक्रिया में मतदाताओं को नोटिस और दस्तावेज जमा कराने की प्रक्रिया को लेकर भी बदलाव की जानकारी दी है। 26 सितंबर को आयोग ने कहा कि SIR से जुड़े उसके फैसले सभी तीन निर्वाचन आयुक्तों की सहमति से लिए गए हैं।
SIR को लेकर दिल्ली में पहले ही बड़ी संख्या में मतदाताओं को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। चुनाव आयोग के मुताबिक नोटिस मिलने का मतलब सीधे तौर पर मतदाता सूची से नाम हटना नहीं है; संबंधित प्रक्रिया में सत्यापन और दावे-आपत्तियों के बाद अंतिम निर्णय होता है।






