लोकेशन – समस्तीपुर
रिपोर्ट – नवनीत कुमार झा
जन्म-मृत्यु पंजीकरण के महत्व और प्रमाण-पत्र की उपयोगिता से रूबरू हुईं छात्राएं, बुशरा प्रवीण को मिला दूसरा स्थान
समस्तीपुर । छात्राओं को जन्म-मृत्यु पंजीकरण की प्रक्रिया, उसके महत्व और सरकारी एवं प्रशासनिक कार्यों में प्रमाण-पत्र की उपयोगिता के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से मंगलवार को महिला महाविद्यालय, समस्तीपुर में जागरूकता कार्यक्रम सह क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत जिला सांख्यिकी कार्यालय एवं जिला प्रशासन, समस्तीपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में छात्राओं को जन्म-मृत्यु पंजीकरण की अनिवार्यता और इसके सामाजिक एवं प्रशासनिक महत्व की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम का उद्घाटन जिला सांख्यिकी पदाधिकारी अशोक कुमार, महाविद्यालय के प्रधानाचार्य प्रो. राजेश कुमार रंजन, अर्थशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. विजय कुमार गुप्ता, सहायक सांख्यिकी पदाधिकारी पवन कुमार सिंह, सहायक सांख्यिकी अधिकारी प्रवीण झा तथा डीपीओ, नमामि गंगे नीरजेश कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
समय पर जन्म-मृत्यु पंजीकरण जरूरी : अशोक कुमार
मुख्य अतिथि जिला सांख्यिकी पदाधिकारी अशोक कुमार ने कहा कि जन्म-मृत्यु पंजीकरण एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक प्रक्रिया है, जिसकी सही जानकारी प्रत्येक नागरिक को होनी चाहिए। घटनाओं का समय पर और सही पंजीकरण आधिकारिक अभिलेखों की शुद्धता बनाए रखने के साथ जनसंख्या संबंधी विश्वसनीय आंकड़ों के संकलन तथा सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में भी सहायक होता है।
उन्होंने कहा कि सेवा संकल्प अभियान का उद्देश्य सरकारी प्रक्रियाओं की आवश्यक जानकारी आम लोगों तक पहुंचाना है। छात्राएं समाज में जागरूकता फैलाने की प्रभावी वाहक बन सकती हैं। इसलिए उन्हें स्वयं जानकारी हासिल करने के साथ अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी जागरूक करना चाहिए।
शिक्षा के साथ नागरिक जिम्मेदारी का बोध भी जरूरी
महाविद्यालय के प्रधानाचार्य प्रो. राजेश कुमार रंजन ने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों की जिम्मेदारी केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनाना भी है। जन्म-मृत्यु पंजीकरण जैसे विषय पर आयोजित कार्यक्रम छात्राओं को प्रशासनिक प्रक्रियाओं की व्यावहारिक जानकारी देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
अर्थशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. विजय कुमार गुप्ता ने कहा कि विश्वसनीय सांख्यिकीय आंकड़े विकास योजनाओं के निर्माण का आधार होते हैं। जन्म-मृत्यु पंजीकरण से प्राप्त आंकड़ों के जरिए जनसंख्या वृद्धि, जन्म-दर, मृत्यु-दर और स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं का आकलन किया जा सकता है। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य और जनकल्याणकारी सेवाओं की बेहतर योजना बनाने में मदद मिलती है।
पंजीकरण प्रक्रिया और प्रमाण-पत्र की उपयोगिता की दी गई जानकारी
सहायक सांख्यिकी पदाधिकारी पवन कुमार सिंह ने छात्राओं को जन्म-मृत्यु पंजीकरण की प्रक्रिया, आवश्यक सूचनाओं और संबंधित प्रशासनिक व्यवस्था से अवगत कराया। वहीं, सहायक सांख्यिकी अधिकारी प्रवीण झा ने जन्म एवं मृत्यु प्रमाण-पत्र की उपयोगिता और पंजीकरण से जुड़ी सामान्य प्रक्रियाओं की जानकारी दी।
डीपीओ, नमामि गंगे नीरजेश कुमार ने कहा कि सरकारी योजनाओं और प्रशासनिक प्रक्रियाओं से संबंधित जानकारी समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचनी चाहिए। ऐसे जागरूकता कार्यक्रम नागरिक सहभागिता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
क्विज प्रतियोगिता में पुष्पम कुमारी ने मारी बाजी
कार्यक्रम के दौरान आयोजित क्विज प्रतियोगिता में छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिता में जन्म-मृत्यु पंजीकरण की प्रक्रिया, प्रमाण-पत्र की उपयोगिता और संबंधित प्रशासनिक विषयों पर प्रश्न पूछे गए। छात्राओं ने अपनी जानकारी और समझ का प्रदर्शन किया।
प्रतियोगिता में पुष्पम कुमारी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि बुशरा प्रवीण द्वितीय स्थान पर रहीं। श्रेया अमबस्टा एवं दिव्या भारती ने संयुक्त रूप से तृतीय स्थान हासिल किया। वहीं, पूजा कुमारी चतुर्थ स्थान पर रहीं। सफल प्रतिभागियों की उपलब्धि की सराहना की गई।
इनकी रही महत्वपूर्ण भूमिका
कार्यक्रम के सफल आयोजन एवं संचालन में सुमन सौरव, किशन कुमार तथा संजीत कुमार ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मौके पर डॉ. सुरेश साह, डॉ. संगीता, डॉ. पर्णम शर्मा, डॉ. पिंकी कुमारी सहित अन्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के माध्यम से छात्राओं को जन्म-मृत्यु पंजीकरण के प्रति जागरूक करते हुए इसकी सही जानकारी समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने का संदेश दिया गया।








