उत्तर प्रदेश में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। सुबह के समय दृश्यता बेहद कम हो गई है और तापमान लगातार नीचे जा रहा है। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए राज्य सरकार ने नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के सभी स्कूलों को अस्थायी रूप से बंद करने का फैसला लिया है।
क्यों लिया गया फैसला?
प्रदेश के कई जिलों में शीतलहर के साथ-साथ घना कोहरा छाया हुआ है। हालात ऐसे हैं कि सुबह के समय सड़क पर चलना भी मुश्किल हो गया है। छोटे बच्चों के स्कूल आने-जाने में खतरे को देखते हुए प्रशासन ने यह कदम उठाया है।
13 साल का टूटा रिकॉर्ड
इस बार ठंड ने पुराने रिकॉर्ड भी तोड़ दिए हैं। पश्चिमी यूपी समेत कई इलाकों में तापमान सामान्य से काफी नीचे चला गया है। कुछ शहरों में न्यूनतम तापमान ने पिछले 13 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया, जिससे लोग घरों में दुबकने को मजबूर हैं।
स्कूल कब तक रहेंगे बंद?
सरकारी आदेश के अनुसार, मौसम की स्थिति सामान्य होने तक सभी स्कूल बंद रहेंगे। आगे स्कूल कब खोले जाएंगे, इसका फैसला मौसम की समीक्षा के बाद किया जाएगा। अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे अपने-अपने स्कूलों से मिलने वाली आधिकारिक सूचना पर ही भरोसा करें।
प्रशासन अलर्ट
राज्य सरकार ने सभी जिलों को अलर्ट पर रखा है। ठंड से बचाव के लिए रैन बसेरे, अलाव और अन्य राहत इंतजाम तेज़ कर दिए गए हैं। अधिकारियों को साफ निर्देश हैं कि बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा में कोई लापरवाही न हो।मौसम विभाग की चेतावनीमौसम विभाग का कहना है कि आने वाले कुछ दिनों तक ठंड और कोहरे से राहत मिलने के आसार कम हैं। ऐसे में लोगों से अपील की गई है कि बेहद जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें।






