श्रीनगर: आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक मेहराज मलिक की गिरफ्तारी के विरोध में आप सांसद संजय सिंह बुधवार को श्रीनगर पहुंचे। लेकिन जैसे ही उन्होंने विरोध जताने की कोशिश की, उन्हें सरकारी गेस्ट हाउस में नजरबंद कर दिया गया। इस कदम ने जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक तनाव को बढ़ा दिया।
संजय सिंह ने कहा, “तानाशाही चरम पर है। लोकतंत्र में अपनी आवाज़ उठाना और हक के लिए आंदोलन करना हमारा संवैधानिक अधिकार है। आज मेहराज मलिक की अवैध गिरफ्तारी के खिलाफ प्रेस कॉन्फ्रेंस और धरना होना था, लेकिन गेस्ट हाउस को पूरी तरह से पुलिस ने घेर लिया। मुझे और दिल्ली सरकार में मंत्री रहे इमरान हुसैन समेत साथियों को बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी गई।”
इसी बीच, नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला भी संजय सिंह से मिलने श्रीनगर पहुंचे।
मामला क्या है?
डोडा जिले में मेहराज मलिक की गिरफ्तारी के बाद तनावपूर्ण शांति है। प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनज़र मंगलवार रात से निषेधाज्ञा लागू की थी और बुधवार को इसे भद्रवाह तक बढ़ा दिया गया।
संजय सिंह ने साफ कहा कि मेहराज की पीएसए के तहत गिरफ्तारी अवैध और असंवैधानिक है। पार्टी समर्थकों के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस करने की कोशिश की गई, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया।
मेहराज मलिक पर क्या हैं आरोप?
मेहराज मलिक पर आरोप हैं कि उन्होंने:
- अफवाहें फैलाई
- आतंकियों का महिमामंडन किया
- महिलाओं के खिलाफ अपशब्द का इस्तेमाल किया
- डोडा के उपायुक्त हरविंदर सिंह को अपशब्द कहे
- सरकारी अस्पताल के काम में बाधा डाली
उन्हें 8 सितंबर को पीएसए के तहत गिरफ्तार कर कठुआ जिला जेल भेजा गया। इसके बाद उनके समर्थकों ने डोडा जिले में कई जगह उग्र प्रदर्शन किए। पुलिस पर पथराव हुआ, जिसमें दो अधिकारियों समेत आठ पुलिसकर्मी और पांच प्रदर्शनकारी घायल हुए।
राजनीतिक सस्पेंस
संजय सिंह की नजरबंदी और मेहराज मलिक की गिरफ्तारी ने जम्मू-कश्मीर का राजनीतिक माहौल और गरम कर दिया। आने वाले दिनों में प्रशासन और पार्टी समर्थकों के बीच स्थिति और भी तनावपूर्ण हो सकती है।






