सहारनपुर मस्जिद ध्वस्तीकरण मामले में हाईकोर्ट का बड़ा आदेश, 6.41 करोड़ की वसूली पर रोक
पहली ही सुनवाई में हर्जाने की वसूली पर रोक, सरकार से जवाब तलब; 12 अक्टूबर को अगली सुनवाई
प्रयागराज/सहारनपुर। सहारनपुर में मस्जिद ध्वस्तीकरण से जुड़े मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश ने प्रशासनिक कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हाईकोर्ट ने सिटी मजिस्ट्रेट द्वारा लगाए गए 6 करोड़ 41 लाख 65 हजार 500 रुपये के हर्जाने की वसूली पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है। अदालत ने राज्य सरकार से जवाब भी मांगा है और मामले की अगली सुनवाई के लिए 12 अक्टूबर 2026 की तारीख तय की है।
यह आदेश न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल की एकलपीठ ने मोहम्मद तनवीर अहमद की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया।
पहली ही तारीख पर मिली राहत
मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि हाईकोर्ट ने पहली सुनवाई में ही हर्जाने की वसूली पर रोक लगा दी। हालांकि अदालत के इस अंतरिम आदेश को प्रशासन या सरकार के खिलाफ अंतिम फैसला नहीं माना जा सकता, लेकिन इससे मामले की कानूनी गंभीरता जरूर बढ़ गई है।
अब राज्य सरकार को अदालत के समक्ष अपना पक्ष और रिकॉर्ड रखना होगा। आगे की सुनवाई में यह स्पष्ट होगा कि सिटी मजिस्ट्रेट द्वारा बेदखली और हर्जाने से संबंधित आदेश को अदालत किस नजरिए से देखती है।
तीन दिन के भीतर मस्जिद ध्वस्त करने का आरोप
याचिका में सिटी मजिस्ट्रेट के 16 जुलाई 2026 के आदेश को चुनौती दी गई थी। इस आदेश में कथित अनधिकृत कब्जे के संबंध में बेदखली का आदेश पारित करने के साथ 6,41,65,500 रुपये का हर्जाना लगाया गया था।
याची पक्ष के अनुसार, इस आदेश के महज तीन दिन के भीतर मस्जिद को ध्वस्त कर दिया गया।






