अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले में बड़ा एक्शन हुआ है। खुलासे के 19 दिन बाद और एसआईटी की सिफारिश के दो दिन बाद आखिरकार पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। इस मामले में ट्रस्ट से जुड़े लोगों समेत कई आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू हो गई है।
अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज कर ली है। एफआईआर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के ड्राइवर रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू, ट्रस्ट पदाधिकारी अनिल मिश्रा के रिश्तेदार अनुकल्प मिश्रा और लवकुश मिश्रा समेत गणना कर्मी मनीष यादव, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडेय, रमाशंकर मिश्र, गणना इंचार्ज सुभाष श्रीवास्तव और कई अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज की गई है।
सभी आरोपियों पर साजिश के तहत धोखाधड़ी कर मंदिर के चढ़ावे की राशि में चोरी करने का आरोप लगाया गया है। पुलिस के मुताबिक, मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी की सिफारिश के बाद यह कार्रवाई की गई। एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी टिन्नू समेत सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
अब इस पूरे मामले में पुलिस वित्तीय लेन-देन, चढ़ावा गणना प्रक्रिया और कथित साजिश के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। आने वाले दिनों में जांच के आधार पर और भी खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एफआईआर और गिरफ्तारियों के बाद जांच निर्णायक दौर में पहुंच गई है। अब सभी की नजर पुलिस की आगे की जांच और संभावित नई कार्रवाई पर टिकी है।






