उत्तराखंड में आज सुबह से ही आसमान जैसे कहर बरसा रहा है। तेज बारिश ने पहाड़ से मैदान तक जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है।
देहरादून में कई जगह पानी भर गया है, जिससे लोग ऑफिस-स्कूल नहीं जा सके। हालत इतनी खराब है कि प्रशासन ने आज स्कूल बंद रखने का फैसला लिया।
मौसम विभाग ने बागेश्वर में ऑरेंज अलर्ट, और देहरादून, टिहरी, पौड़ी व नैनीताल जैसे जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। अगले 3 घंटे बेहद संवेदनशील बताए जा रहे हैं – रेड अलर्ट लागू कर दिया गया है।
सड़कों पर मलबा, रास्ते बंद, मुसाफिर फंसे
लगातार हो रही बारिश की वजह से भूस्खलन ने कई रास्तों को बंद कर दिया है।
- कर्णप्रयाग के पास सड़कों पर मलबा गिरने से हाईवे पूरी तरह ठप है।
- नैनीताल हाईवे भी जखेड़ के पास बंद है।
- उमटा के पास भारी बारिश से मलबा और बोल्डर गिरने से एक टैक्सी तक फंस गई थी, गनीमत रही कि किसी को चोट नहीं आई।
- यमुनोत्री पैदल मार्ग पर अचानक भूस्खलन हुआ, लोग बाल-बाल बचे। वहीं, एक खच्चर की मौत हो गई, जो चट्टानों की चपेट में आ गया।
नदियों का रौद्र रूप
श्रीनगर में बह रही अलकनंदा नदी उफान पर है। पानी घाटों तक पहुंच गया है, जिससे लोग डरे हुए हैं।
रिस्पना नदी (देहरादून) भी तेज बहाव में है, जिससे कई इलाकों में पानी भर गया है।
कहीं राहत भी मिली
बदरीनाथ हाईवे, जो कल शाम से बंद था, आज सुबह साढ़े सात बजे खुल गया। हाईवे खुलते ही वहां फंसे 1000 से ज़्यादा लोगों को आगे रवाना किया गया।
सावधानी जरूरी है!
राज्य भर में 15 अगस्त तक भारी बारिश का सिलसिला चलने की संभावना है। प्रशासन अलर्ट पर है, लेकिन लोगों से भी अपील की जा रही है कि वे सुरक्षित स्थानों पर रहें, अनावश्यक यात्रा से बचें, और मौसम विभाग की सलाहों का पालन करें।






