झालावाड़ से ब्यूरो चीफ आसिफ शेरवानी की रिपोर्ट
झालावाड़ 07 नवम्बर। स्वास्थ्य विभाग झालावाड़ में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. साजिद खान के निर्देशानुसार “फेरिक कार्बाेक्सी माल्टोज़” एवं “पिंक पखवाड़ा” विषय पर एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं में एनीमिया (रक्ताल्पता) के प्रति जागरूकता बढ़ाना और आयरन की कमी से निपटने के आधुनिक उपायों पर चर्चा करना था।
कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों ने फेरिक कार्बाेक्सी माल्टोज़ की भूमिका पर प्रकाश डाला - जो आयरन की कमी से होने वाले एनीमिया के उपचार के लिए एक आधुनिक एवं प्रभावी दवा है। यह दवा तेज़ी से शरीर में आयरन की पूर्ति करती है और सुरक्षित होने के साथ-साथ मरीजों के लिए अधिक सुविधाजनक भी है।
पिंक पखवाड़ा अभियान के तहत महिलाओं के स्वास्थ्य, पोषण एवं एनीमिया जाँच पर विशेष ध्यान दिया गया। प्रतिभागियों को संतुलित आहार, नियमित जाँच एवं समय पर उपचार के महत्व के बारे में बताया गया।
इस अवसर पर जिला प्रजनन एवं शिशु स्वासथ्य अधिकारी डॉ. मुकेश कुमार नागर ने कहा की एनीमिया भारत में महिलाओं की एक सामान्य लेकिन गंभीर स्वास्थ्य समस्या है। फेरिक कार्बाेक्सी माल्टोज़ जैसे आधुनिक उपचार और ‘पिंक पखवाड़ा’ जैसे सामुदायिक स्वास्थ्य अभियानों के माध्यम से हम इस समस्या पर प्रभावी नियंत्रण पा सकते हैं।
गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. नरेंद्र स्वामी ने गर्भवती महिलाओं में होने वाले एनीमिया, उपचार एवं इंजेक्शन फेरिककार्बाेसी माल्टोस के बारे में विस्तार से बताया गया। एमडी मेडिसिन डॉ. रवि के द्वारा इंजेक्शन फेरिक कार्बाेक्सी माल्टोज़ के बारे में विस्तार से बताया गया। साथ ही कार्यक्रम में उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (स्वा.) डॉ लेखराज मालव द्वारा एनसीडी स्क्रीनिंग, एसपीएल फॉर्म की एंट्री व मौसमी बीमारियों के बारे में जानकारी दी गई। कार्यक्रम में समस्त खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारी, डीपीएम, यूडीपीएम, डीएसी, डीएनओ, बीपीएम, बीएनओ, बीएचएस शामिल हुए। अंत में सभी प्रतिभागियों ने महिलाओं के स्वास्थ्य और एनीमिया मुक्त भारत के संकल्प को दोहराया।







