Home / News / क्रॉस एफआईआर दर्ज कराने की साजिश नाकाम, अपनी ही बस में तोड़फोड़ और फायरिंग कराने वाले दो आरोपी गिरफ्तार

क्रॉस एफआईआर दर्ज कराने की साजिश नाकाम, अपनी ही बस में तोड़फोड़ और फायरिंग कराने वाले दो आरोपी गिरफ्तार

बरेली। मीरगंज पुलिस ने दिल्ली हाईवे पर बस में तोड़फोड़ और फायरिंग की घटना का खुलासा करते हुए एक बड़ी साजिश का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि प्रतिद्वंद्वी बस ऑपरेटर को झूठे मुकदमे में फंसाने के लिए आरोपियों ने अपनी ही बस पर हमला करवाया था, ताकि उसके खिलाफ क्रॉस एफआईआर दर्ज कराई जा सके।

19 जुलाई को हुई थी घटना

पुलिस के अनुसार 19 जुलाई को दिल्ली हाईवे स्थित एक ढाबे के पास बस संख्या AR-11C-8374 में तोड़फोड़ और फायरिंग की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही मीरगंज पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए। शुरुआत में मामला दो बस संचालकों के बीच विवाद का प्रतीत हुआ, लेकिन गहन जांच और तकनीकी साक्ष्यों ने पूरी कहानी बदल दी।

जांच में खुली साजिश की परतें

सीओ मीरगंज अजय कुमार ने बताया कि जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि बस संचालन को लेकर पुरानी रंजिश के चलते बिलाल, अरबाज और उनके साथियों ने सुनियोजित तरीके से अपनी ही बस में तोड़फोड़ और फायरिंग कराई थी। इसका उद्देश्य प्रतिद्वंद्वी बस संचालक शुभम चौधरी और उसके साथियों के खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कराकर उन्हें कानूनी कार्रवाई में उलझाना था।

दो आरोपी गिरफ्तार

मीरगंज पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर बिलाल निवासी हापुड़ और अरबाज निवासी खीरी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने पुलिस के सामने साजिश का खुलासा करते हुए स्वीकार किया कि यह पूरी योजना बस ऑपरेटर टीपू चौधरी के कहने पर बनाई गई थी।

प्रतिस्पर्धा में दबाव बनाने की थी योजना

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि बस संचालन के व्यवसाय में प्रतिस्पर्धा के चलते प्रतिद्वंद्वी पक्ष पर दबाव बनाने और उन्हें कानूनी विवाद में फंसाने के उद्देश्य से यह पूरी घटना रची गई थी। इसके लिए अपनी ही बस को नुकसान पहुंचाया गया और फायरिंग कराई गई, ताकि घटना को वास्तविक हमला साबित किया जा सके।

अन्य आरोपियों की तलाश जारी

पुलिस का कहना है कि मामले में नामजद अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। घटना से जुड़े सभी तथ्यों और तकनीकी साक्ष्यों को एकत्र कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही शेष आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

सीओ मीरगंज ने क्या कहा

सीओ मीरगंज अजय कुमार ने बताया कि पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर घटना का सफल खुलासा किया है। प्रारंभिक जांच में ही कई अहम तथ्य सामने आए, जिनके आधार पर आरोपियों से पूछताछ की गई। पूछताछ में उन्होंने पूरी साजिश स्वीकार कर ली। उन्होंने कहा कि किसी भी निर्दोष व्यक्ति को झूठे मुकदमे में फंसाने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

मुख्य बिंदु

19 जुलाई को दिल्ली हाईवे पर बस में तोड़फोड़ और फायरिंग की घटना हुई।

जांच में घटना को खुद रची गई साजिश पाया गया।

प्रतिद्वंद्वी पक्ष के खिलाफ क्रॉस एफआईआर कराने की थी योजना।

बिलाल (हापुड़) और अरबाज (खीरी) गिरफ्तार।

पूछताछ में बस ऑपरेटर टीपू चौधरी के कहने पर साजिश रचने की बात स्वीकार।

अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की दबिश जारी।

मामले में विधिक कार्रवाई जारी है।

Tagged:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

[post-views]
Share
Now