राज्यसभा में बुधवार को हुई व्यापार सलाहकार समिति की बैठक में विपक्ष ने साफ कहा – पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर जैसे गंभीर मुद्दों पर सिर्फ चर्चा नहीं, प्रधानमंत्री की मौजूदगी में खुलकर बहस होनी चाहिए। विपक्ष चाहता है कि अगले हफ्ते से इस पर दो दिन यानी कुल 16 घंटे की बहस तय हो।
बैठक की अध्यक्षता राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने की और इसमें जे.पी. नड्डा, किरेन रिजिजू समेत सभी प्रमुख दलों के नेता शामिल हुए। कांग्रेस के प्रमोद तिवारी ने बैठक के बाद बताया कि विपक्ष एकजुट होकर इस पर गंभीर चर्चा की मांग कर रहा है, और लोकसभा में बहस शुरू होने के अगले दिन राज्यसभा में चर्चा कराई जाए।
तिवारी ने यह भी साफ किया कि यह कोई राजनीतिक प्रस्ताव नहीं होगा, बल्कि एक सामान्य और संवेदनशील बहस होगी – जिसमें प्रधानमंत्री की मौजूदगी बेहद ज़रूरी है। अच्छी बात यह है कि सरकार की ओर से भरोसा दिया गया है कि प्रधानमंत्री चर्चा के दौरान मौजूद रहेंगे।
गौरतलब है कि संसद के दोनों सदनों में पहलगाम हमले, बिहार की मतदाता सूची और ऑपरेशन सिंदूर जैसे मुद्दों को लेकर हंगामा लगातार जारी है, जिससे सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित हो रही है।






