लोकसभा में महिला आरक्षण बिल को लेकर चर्चा के दौरान सियासी माहौल तेज हो गया। कांग्रेस सांसद और विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इस बिल पर सवाल उठाते हुए इसे महिलाओं के वास्तविक सशक्तिकरण से जुड़ा नहीं बताया।
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार जो बिल लेकर आई है, उसका उद्देश्य महिलाओं को मजबूत बनाना नहीं बल्कि एक अलग राजनीतिक संदेश देना है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि अगर सरकार सच में महिलाओं को प्रतिनिधित्व देना चाहती है, तो पहले वाला प्रस्तावित बिल वापस लाया जाए।
उन्होंने यह भी जोड़ा कि कांग्रेस उस पुराने बिल का समर्थन करने के लिए तैयार है और उसे पारित कराने में पूरी मदद करेगी। राहुल गांधी के इस बयान के बाद सदन में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली।
बहस के दौरान सत्ता पक्ष ने अपने रुख को सही ठहराया, जबकि विपक्ष लगातार इस बिल के स्वरूप और मंशा पर सवाल उठाता रहा।






