कर्नाटक के ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री प्रियंक खरगे ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि भाजपा शासित राज्यों को लगातार ज्यादा फंड मिल रहा है, जबकि गैर-भाजपा राज्यों को उनकी जरूरत के मुताबिक मदद नहीं मिलती। उन्होंने मीडिया से बातचीत में बताया कि कर्नाटक ने इस साल भारी नुकसान झेला है, लेकिन केंद्र से मिले फंड नुकसान की तुलना में बहुत कम हैं। राज्य देश का सबसे बड़ा करदाता होने और आईटी एक्सपोर्ट में नंबर वन होने के बावजूद इस तरह नजरअंदाज किया जा रहा है।
प्रियंक खरगे ने बताया कि गृह मंत्री अमित शाह ने आपदा राहत कोष की दूसरी किस्त के तहत कर्नाटक को 384.40 करोड़ रुपये और महाराष्ट्र को 1,566.40 करोड़ रुपये दिए हैं। उन्होंने कहा कि इस राशि से राज्य में हुई भारी बारिश और बाढ़ के नुकसान को ठीक करना मुश्किल है। लेकिन कर्नाटक सरकार केंद्र से राहत की मांग दोहराएगी ताकि प्रभावित इलाकों में जल्दी से जल्दी पुनर्निर्माण काम शुरू हो सके।






