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राजस्व कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन का डीएम ने दिया निर्देश

लोकेशन – समस्तीपुर
रिपोर्ट – नवनीत कुमार झा

दाखिल-खारिज, परिमार्जन, अतिक्रमण और राजस्व न्यायालयों के मामलों की हुई समीक्षा

समस्तीपुर समाहरणालय सभागार में गुरुवार को जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा की अध्यक्षता में राजस्व विभाग के कार्यों की विस्तृत समीक्षा बैठक हुई। बैठक में जिले में राजस्व से जुड़े विभिन्न मामलों की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर मामलों का निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

बैठक में अपर समाहर्ता, सभी भूमि सुधार उप समाहर्ता (डीसीएलआर), सभी अंचल अधिकारी (सीओ) सहित राजस्व विभाग के संबंधित पदाधिकारी मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने राजस्व न्यायालयों में लंबित मामलों, दाखिल-खारिज, परिमार्जन, भूमि विवाद, अतिक्रमण, सरकारी भूमि की सुरक्षा, भू-अभिलेखों के संधारण एवं अद्यतीकरण तथा लगान वसूली समेत विभिन्न कार्यों की प्रगति की जानकारी ली।

जिलाधिकारी ने दाखिल-खारिज और परिमार्जन से संबंधित मामलों का समय-सीमा के भीतर निष्पादन करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि राजस्व मामलों के निष्पादन में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। आम लोगों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए कार्यालयों का बार-बार चक्कर नहीं लगाना पड़े, इसके लिए पदाधिकारी एवं कर्मी संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करें।

उन्होंने सभी अंचल अधिकारियों को सरकारी भूमि की नियमित निगरानी करने तथा अतिक्रमण के मामलों में नियमानुसार त्वरित कार्रवाई का निर्देश दिया। भूमि विवाद से संबंधित मामलों में सभी पक्षों के साथ समन्वय स्थापित कर विधि-सम्मत एवं प्रभावी कार्रवाई करने को भी कहा गया।

राजस्व न्यायालयों में लंबित मामलों की नियमित समीक्षा करने तथा पुराने मामलों के शीघ्र निष्पादन पर विशेष ध्यान देने का निर्देश डीसीएलआर एवं सीओ को दिया गया। डीएम ने कहा कि राजस्व विभाग का कार्य सीधे आम लोगों के भूमि संबंधी अधिकारों और दैनिक जीवन से जुड़ा है। ऐसे में कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्धता हर स्तर पर सुनिश्चित की जानी चाहिए।

बैठक में जिलाधिकारी ने अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में राजस्व कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने और विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुरूप कार्य निष्पादित करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजस्व कार्यों की प्रगति की नियमित समीक्षा होगी। कार्यों में लापरवाही या अनावश्यक विलंब पाए जाने पर संबंधित पदाधिकारी या कर्मी की जिम्मेदारी तय कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

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