उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हिंदू युवा वाहिनी से जुड़े नेता धीरेंद्र प्रताप सिंह की हत्या के मामले ने सनसनी फैला दी है। धीरेंद्र प्रताप सिंह कई दिनों से लापता बताए जा रहे थे, जिसके बाद उनका शव दुबग्गा क्षेत्र के पास एक नहर के किनारे बरामद होने की सूचना मिली।
पुलिस की शुरुआती जांच में इस हत्याकांड के पीछे उन्नाव में स्थित करोड़ों रुपये की जमीन को लेकर चल रहे विवाद का एंगल सामने आया है। बताया जा रहा है कि जमीन की कीमत करीब 50 करोड़ रुपये है और इस मामले को लेकर पहले भी शिकायतें की गई थीं।
मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। मृतक के ड्राइवर समेत कुछ संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है और घटना के पीछे शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल जारी है। जांच के लिए कई पुलिस टीमें गठित की गई हैं, जो सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़ रही हैं।
धीरेंद्र प्रताप सिंह की पत्नी की शिकायत के बाद पुलिस ने उनकी तलाश शुरू की थी। अब शव मिलने के बाद हत्या के मामले में जांच और तेज कर दी गई है।
फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद हत्या की साजिश और इसमें शामिल लोगों की भूमिका को लेकर स्थिति और स्पष्ट होगी।
लखनऊ में हुई इस सनसनीखेज वारदात ने एक बार फिर जमीन विवाद से जुड़े मामलों और कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।





