रिपोर्ट संजय मिश्रा
मानिकपुर/ चित्रकूट – जनपद चित्रकूट के मानिकपुर तहसील अंतर्गत रैपुरा ग्राम पंचायत निवासी ओंकार नाथ पांडेय पुत्र भइया लाल द्वारा बताया गया कि आज से 140 वर्ष पूर्व हमारे पूर्वजों का आपसी सहमति से बंटवारा हुआ था। जिसमें हम सभी लोग उसी बंटवारे के हिस्से में आज तक काबिज हैं। और जिसका जहां पर हिस्सा है वह वहीं अपने – अपने घर बना कर वर्षों से रह रहे हैं। और तो और तमाम लोगों द्वारा अपने हिस्से की जमीन विक्रय भी की गई लेकिन आज दिन तक किसी को कोई शिकायत नहीं हुई है। आगे बताया गया कि गाटा संख्या 1939 जिसका रकवा 0245 हेक्टेयर है।जो हमारे पूर्वजों से लेकर आज तक हमारे कब्जे में है और हमारे दो घर आज वर्षों से बने हैं। और एक हिस्सा मैं लगभग बीस वर्ष पहले विक्रय भी कर लिया है। लेकिन परिवार के लोगों को कोई ऐतराज नहीं हुआ। लेकिन 16 नवंबर 2025 को जब मैं अपनी शेष जमीन पर मकान की नींव भरवा रहा था तभी परिवारिक जन भरत राम पाण्डेय,बद्री पाण्डेय, हरिओम पाण्डेय, राकेश पाण्डेय, बृजेश पांडेय, रामकृष्ण पाण्डेय, और कुंढू पाण्डेय निवासी रैपुरा द्वारा यह कहा गया कि हमारा हिस्सा है और हमें भी इस जगह पर जमीन चाहिए। और गाली गलौज करते हुए चले गए। और रैपुरा पुलिस को लाकर काम रुकवा दिया। ओंकार नाथ पांडेय ने आगे बताया कि मैं थाने से लेकर एसडीएम मानिकपुर को आवेदन देकर निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई करने के लिए आवेदन किया लेकिन उपजिलाधिकारी मानिकपुर द्वारा मुझसे कोई बात नहीं की गई यह कहा गया कि जाकर आवेदन पेशकार को दे दो। मेरी मीडिया के माध्यम से जनपद चित्रकूट के यशस्वी जिलाधिकारी पुलकित गर्ग से निवेदन के साथ मांग है कि समस्या का संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच करा कर उचित कार्रवाई की जाए।
मानिकपुर -परिवारिक बंटवारे के एक सौ चालीस साल बाद परिवार जनों ने घर पर लगाई रोक, एसडीएम से लगाई गुहार






