रिपोर्ट : अखिलेश गौतम
सीतापुर। केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा (वर्तमान में वीबी-राम जी) में फर्जी हाजिरी रोकने के लिए शुरू की गई फेस अटेंडेंस प्रणाली की खुलेआम धज्जियां उड़ाने का मामला सामने आया है। विकासखंड परसेंडी की ग्राम पंचायत रसूलपुर में 2 अलग-अलग दिनों की हाजिरी के लिए एक ही फोटो अपलोड कर दी गई और उसी के आधार पर भुगतान भी कर दिया गया।
एनएमएमएस के अनुसार 5 जून 2026 को 2 कार्यों के लिए 7 मास्टर रोल जारी किए गए। इनमें 56 श्रमिकों की उपस्थिति दिखाई गई। 6 जून 2026 को फिर उन्हीं 2 कार्यों के लिए 7 मास्टर रोल जारी कर 56 श्रमिकों की उपस्थिति दर्ज की गई।
लेकिन गड़बड़ी तब सामने आई जब देखा गया कि 5 जून को मास्टर रोल संख्या 1137 पर जो ग्रुप फोटो अपलोड की गई थी, वही फोटो 6 जून को भी उसी मास्टर रोल पर अपलोड है। इसी प्रकार मास्टर रोल संख्या 1218 पर भी 5 और 6 जून दोनों दिन हाजिरी के लिए एक ही फोटो का इस्तेमाल किया गया। जबकि अन्य तारीखों में भी इसी तरह से फोटो अपलोड कर फर्जी हाजिरी लगाई गई हैं।
नियम के अनुसार हर दिन कार्यस्थल की अलग-अलग जियो-टैग और टाइम-स्टैम्प वाली फोटो अपलोड करना अनिवार्य है। लेकिन यहां नियमों को दरकिनार कर दिया गया।
ग्रामीणों का आरोप है कि कागजों पर ही काम दिखाकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया है। उन्होंने मामले की उच्च स्तरीय जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
इस संबंध में खंड विकास अधिकारी परसेंडी से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे वार्ता नहीं हो सकी।
क्या कहता है नियम?
- हर दिन अलग फोटो – फेस अटेंडेंस में रोज नई ग्रुप फोटो अनिवार्य
- जियो-टैगिंग – कार्यस्थल की लोकेशन और समय दर्ज होना जरूरी
- भुगतान से पहले जांच – बिना फोटो वेरिफिकेशन भुगतान नहीं






