संवैधानिक अधिकारों, जातिगत जनगणना और आरक्षण सहित विभिन्न मुद्दों पर होगी राष्ट्रीय परिचर्चा
नई दिल्ली/रायपुर। दलित, ओबीसी, अल्पसंख्यक एवं आदिवासी संगठनों के परिसंघ (डोमा) की छत्तीसगढ़ इकाई की ऑनलाइन बैठक 2 अक्टूबर को रात 8 बजे आयोजित की गई। बैठक में परिसंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. उदित राज, छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सुरेंद्र कुमार खूंटे, जांजगीर-चांपा जिला अध्यक्ष डॉ. मनोज कुमार प्रधान सहित सभी जिलों के अध्यक्ष, ब्लॉक अध्यक्ष एवं कार्यकारिणी सदस्य शामिल हुए।
बैठक में डॉ. उदित राज ने बताया कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग एवं धार्मिक अल्पसंख्यकों के संवैधानिक हितों को लेकर 18 अक्टूबर 2026 को एनडीएमसी हॉल, जंतर-मंतर के पास, नई दिल्ली में राष्ट्रीय परिचर्चा आयोजित की जाएगी। उन्होंने सभी प्रमुख पदाधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा कार्यक्रम की तैयारियों में जुटने के निर्देश दिए।
डॉ. उदित राज ने कहा कि जातिगत जनगणना, संवैधानिक अधिकारों के संरक्षण और वंचित वर्गों के हक को लेकर अब व्यापक जनआंदोलन की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि दलित, आदिवासी, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग अपने संवैधानिक अधिकारों के लिए संगठित होकर आवाज बुलंद करें।
बैठक में जातिगत जनगणना, उच्च न्यायपालिका में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग का प्रतिनिधित्व, आरक्षण, कॉलेजियम व्यवस्था में सुधार, राष्ट्रीय विधि आयोग के माध्यम से न्यायपालिका में नियुक्तियों सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। इसके अलावा आबादी के अनुपात में पिछड़ा वर्ग को आरक्षण तथा सरकारी अनुदान से संचालित निजी क्षेत्र के उद्योग-धंधों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग को आरक्षण दिए जाने की मांग को लेकर नई दिल्ली में विशाल रैली आयोजित करने की जानकारी दी गई।
बैठक में विशेष आमंत्रित सदस्य प्राचार्य डॉ. प्यारे लाल आदिले, डॉ. संजय कुमार, डॉ. मनोज कुमार प्रधान सहित छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे। सभी जिला अध्यक्षों को राष्ट्रीय कार्यक्रम एवं रैली की तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
अशोक कुमार श्रीवास की खास रिपोर्ट करतला से
डोमा परिसंघ की राष्ट्रीय बैठक 18 अक्टूबर को नई दिल्ली में






