झालावाड़ से ब्यूरो चीफ आसिफ शेरवानी की रिपोर्ट
नीति आयोग ने जिले के समर्पण, कार्यकुशलता और जनसहभागिता को सराहा
झालावाड़, 29 जुलाई। ‘‘अच्छे प्रशासन की असली पहचान है-समर्पण और परिणाम।’’ इस कथन को चरितार्थ करते हुए झालावाड़ जिले ने सम्पूर्णता अभियान के अंतर्गत उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। झालावाड़ जिले को नीति आयोग द्वारा “Certificate of Appreciation”से सम्मानित किया गया है। यह प्रशस्ति पत्र ‘स्वास्थ्य एवं पोषण‘, ‘कृषि एवं संबंधित सेवाएं‘ और ‘सामाजिक विकास‘ जैसे महत्त्वपूर्ण विषयों पर 4 संकेतकों में पूर्ण संतृप्ति (सैचुरेशन) प्राप्त करने के लिए प्रदान किया गया है।
राज्य स्तर पर इस उत्कृष्ट कार्य के लिए 28 जुलाई को जयपुर स्थित एचसीएम रीपा सभागार में सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा मुख्य अतिथि थे तथा मुख्य सचिव श्री सुधांश पंत और नीति आयोग के अतिरिक्त सचिव श्री रोहित कुमार सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी एवं प्रतिनिधिगण मौजूद रहे।
यह अभियान नीति आयोग एवं राजस्थान सरकार के संयुक्त प्रयासों से जुलाई 2024 से सितंबर 2024 तक देशभर के आकांक्षी जिलों और ब्लॉकों में क्रियान्वित किया गया था, जिसमें राजस्थान के 5 आकांक्षी जिले और 27 आशान्वित ब्लॉक शामिल थे। अभियान का उद्देश्य इन क्षेत्रों में आधारभूत सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता में सुधार लाकर जन-जीवन को बेहतर बनाना था।
जिला कलक्टर अजय सिंह राठौड़ ने इस अवसर पर कहा कि ‘यह सम्मान जिले की पूरी टीम और जनता की साझेदारी का प्रमाण है। हम आगे भी इसी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करते रहेंगे ताकि विकास के हर संकेतक में झालावाड़ अग्रणी बना रहे।’
झालावाड़ की यह उपलब्धि न केवल जिले के लिए गौरव की बात है, बल्कि यह अन्य जिलों के लिए भी एक प्रेरणास्रोत है कि सामूहिक प्रयासों और स्पष्ट दिशा के साथ लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं।
झालावाड़ की यह उपलब्धि इसलिए भी विशेष है क्योंकि:
झालावाड़ जिले के खानपुर ब्लॉक को 4 संकेतकों में लक्ष्य प्राप्त करने वाले सीमित ब्लॉकों में शामिल किया गया है। यह सफलता जिला प्रशासन के नेतृत्व, विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयास और स्थानीय जनता की भागीदारी का परिणाम है। सम्पूर्णता अभियान के माध्यम से शासन की योजनाओं को जमीनी स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुँचाया गया। आयोजना अधिकारी विनोद कुमार ने बताया कि सम्पूर्णता अभियान के अंतर्गत 6 संकेतकों में से जिले को 4 संकेतक गर्भवती महिलाओं का एएनसी पंजीकरण, किसानों के खेत की मिट्टी जांच कर मृदा स्वास्थ्य कार्ड उपलब्ध कराना, महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा गर्भवती महिलाओं को पूरक पोषण उपलब्ध करवाना, राजीविका द्वारा समूह ऋण बढ़ाते हुए ऋण उपलब्ध कराना और वसूली करना में शत-प्रतिशत सेचुरेशन प्राप्त करने पर सम्मानित किया गया हैं।






