उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में बिना अनुमति ड्रोन उड़ाने वालों के खिलाफ अब बेहद सख्त रुख अपना लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के अनुसार, ऐसी गतिविधियों में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट और जरूरत पड़ने पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत कार्रवाई की जाएगी।
यह फैसला हाल के दिनों में मेरठ, हापुड़ और अन्य जिलों में ड्रोन के जरिये अफवाह और दहशत फैलाने की घटनाओं को देखते हुए लिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा, और जो लोग ड्रोन तकनीक का दुरुपयोग करेंगे, उन्हें इसका गंभीर अंजाम भुगतना होगा।
मुख्य आदेश और दिशा-निर्देश:
बिना अनुमति ड्रोन उड़ाना पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया है।
जिलों के DM और SSP को विशेष निगरानी और त्वरित कार्रवाई के आदेश।
दोषियों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
स्थिति गंभीर होने पर NSA के तहत हिरासत में लिया जा सकता है।
सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई होगी।
मेरठ केस: सोशल मीडिया अफवाहों पर कार्रवाई
मेरठ में पिछले सप्ताह कुछ युवकों ने ड्रोन उड़ाकर सोशल मीडिया पर भड़काऊ और डर फैलाने वाले वीडियो पोस्ट किए थे। पुलिस ने अब तक इस मामले में 16 एफआईआर दर्ज की हैं और 10 से अधिक अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है।
ड्रोन पर नियंत्रण के लिए सरकार की योजना
सरकार राज्य भर में ड्रोन की निगरानी और रजिस्ट्रेशन को लेकर ‘डिजिटल स्काई’ पोर्टल को सख्ती से लागू करने जा रही है। सभी जिलों में ड्रोन मॉनिटरिंग सेल बनाए जाएंगे, जो किसी भी संदिग्ध गतिविधि की पहचान और रिपोर्ट करेंगे।
सीएम योगी का सख्त संदेश
“कोई भी व्यक्ति अगर ड्रोन का दुरुपयोग करता है, तो वह सीधे कानून की गिरफ्त में आएगा। राज्य में किसी भी सूरत में अफवाह या भय फैलाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।” – योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश






