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हेमा भंडारी का आरोप: HRDA में सांठगांठ, कार्रवाई नहीं हुई तो सड़क पर आंदोलन

आज की कार्यवाही सिर्फ लीपापोती HRDA उपाध्यक्ष से लगाकर पूरा HRDA कार्यवाही के नाम पर खानापूर्ति कर रहा है, व सांठ गांठ का खुला खेल चल रहा है। आवास सचिव को शिकायत दे दी गई है, यदि फिर भी कार्यवाही नही हुई तो उतरेंगे सड़कों पर — हेमा भंडारी राष्ट्रीय महासचिव जन अधिकार पार्टी (जनशक्ति)

जिला हरिद्वार में हरिद्वार रुड़की विकास प्राधिकरण (HRDA) द्वारा अवैध निर्माण कार्यों एवं अवैध प्लाटिंग के खिलाफ प्रभावी कार्यवाही न किए जाने का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। इस संबंध में जन अधिकार पार्टी (जनशक्ति) की राष्ट्रीय महासचिव हेमा भंडारी ने आरोप लगाया है कि HRDA द्वारा कार्यवाही के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है, जबकि वास्तविकता में अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से अवैध गतिविधियों को खुला संरक्षण मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि जिले में लगातार अवैध निर्माण और अवैध प्लाटिंग की शिकायतें सामने आती हैं, लेकिन HRDA द्वारा उन पर ठोस कार्यवाही नहीं की जाती। उल्टा, शिकायत करने वाले व्यक्ति को ही निशाना बनाकर उसे हतोत्साहित किया जाता है, जिससे कई बार सामाजिक कारणों से शिकायतकर्ता पीछे हट जाता है और अधिकारी-कर्मचारी अपने स्वार्थ साधने में लगे रहते हैं।
हेमा भंडारी ने आरोप लगाया कि आज तक हरिद्वार जिले में किसी भी बड़े अवैध निर्माण या बड़ी अवैध प्लाटिंग पर प्रभावी कार्रवाई, जैसे सीलिंग, नहीं की गई है। अधिकांश मामलों में केवल औपचारिकताएं पूरी कर दिखावा किया गया, जबकि अवैध निर्माण कार्य पूर्ण होकर कॉलोनियां बस चुकी हैं और हरिद्वार में तेजी से कंक्रीट का विस्तार हो रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि यह पूरा खेल एक प्रायोजित तरीके से चलाया जा रहा है, जिसमें HRDA के कुछ अधिकारी और कर्मचारी सांठ-गांठ कर खुलेआम नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। स्थिति यह है कि अवैध प्लाटिंग और निर्माण कार्य एक “खुली दुकान” की तरह संचालित हो रहे हैं।
इस गंभीर विषय को लेकर आज आवास सचिव को विस्तृत शिकायत प्रेषित की गई है, जिसमें मांग की गई है कि HRDA द्वारा कार्यवाही के नाम पर की जा रही खानापूर्ति पर तत्काल रोक लगाते हुए एक विशेष अभियान चलाया जाए और जिले में चल रही सभी अवैध प्लाटिंग एवं अवैध निर्माण कार्यों पर सख्त कार्यवाही की जाए।
उन्होंने बताया कि शिकायत में कुछ अवैध निर्माण कार्यों एवं प्लाटिंग के मामलों को नमूने के तौर पर चिन्हित कर प्रस्तुत किया गया है, जबकि वास्तविकता में ऐसे सैकड़ों मामले जिले में संचालित हैं।
अंत में हेमा भंडारी ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही प्रभावी कार्यवाही नहीं की गई, तो जनहित में आंदोलन किया जाएगा और सड़कों पर उतरकर विरोध दर्ज कराया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि हरिद्वार जिले में अवैध प्लाटिंग और अवैध निर्माण कार्यों को किसी भी कीमत पर बंद कराया जाएगा।

दिनांक 18 मार्च 2026 को हमारी पार्टी के प्रदेश सचिव द्वारा जिला हरिद्वार में संचालित अनगिनत अवैध निर्माण कार्यों एवं अवैध प्लाटिंगों के संबंध में नमूने के तौर पर कुल 07 प्रकरणों को चिन्हित करते हुए HRDA उपाध्यक्ष को शिकायत दर्ज कराई गई थी। उल्लेखनीय है कि ये न तो नई प्लाटिंग हैं और न ही नए निर्माण कार्य, बल्कि लंबे समय से संचालित अवैध गतिविधियां हैं।
परंतु वर्तमान में HRDA द्वारा की गई कार्यवाही केवल खानापूर्ति तक सीमित दिखाई देती है। लगभग 100 से 150 बीघा तक की बड़ी अवैध प्लाटिंग एवं निर्माण कार्य, जिनकी शिकायत हमारे द्वारा की गई थी, उन पर कोई प्रभावी कार्यवाही नहीं की गई, जबकि इसके विपरीत केवल छोटी-छोटी 5, 10 या 15 बीघा तक की प्लाटिंगों पर ध्वस्तीकरण कर औपचारिकता पूरी की गई, जो स्पष्ट रूप से मिलीभगत की ओर संकेत करता है।
हमारा स्पष्ट मत है कि जिला हरिद्वार में केवल योजनाबद्ध (प्लानिंग के अनुरूप) विकास कार्य ही किए जाएं। अनियोजित तरीके से संचालित अवैध प्लाटिंग एवं अवैध निर्माण कार्यों पर पूर्णतः रोक लगाई जानी चाहिए। विधिवत एवं नियमों के अनुरूप किए गए कार्य ही भविष्य को सुरक्षित रखते हैं।
वर्तमान स्थिति अत्यंत चिंताजनक है, क्योंकि जो प्रशासन आज सांठ-गांठ के चलते अवैध निर्माण एवं प्लाटिंग पर आंखें मूंदे बैठा है, वही प्रशासन भविष्य में इन्हीं कॉलोनियों को अवैध घोषित कर ध्वस्त करने का कार्य करता है। इस पूरी प्रक्रिया में भूमाफिया अपना लाभ लेकर निकल जाते हैं, अधिकारी अपने हित साध लेते हैं, जबकि आम नागरिक—जो अपनी जीवनभर की पूंजी लगाकर जमीन या मकान खरीदता है—उसे भारी नुकसान उठाना पड़ता है।

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