ग्लोकल विश्वविद्यालय के संस्थापक दिवस पर कंबल वितरित किया और निःशुल्क चिकित्सकीय शिविर लगाया
ग्लोकल विश्वविद्यालय की शिखा भारती को मिला चांसलर मेडल
ग्लोकल विश्वविद्यालय में संस्थापक दिवस का भव्य आयोजन किया गया जिसकी शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन एवं गणेश वंदना के साथ हुई। इसके पश्चात विश्वविद्यालय की कुलसचिव प्रोफेसर शिवानी तिवारी द्वारा स्वागत संबोधन प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम में अतिरिक्त प्रतिकुलाधिपति श्री सैयद निजामुद्दीन ने संस्थापक दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए विश्वविद्यालय की उपलब्धियों एवं भविष्य की योजनाओं पर अपने विचार साझा किए।
इस कार्यक्रम के संयोजक प्रोफेसर डॉ. संजय कुमार रहे, जबकि कार्यक्रम का कुशल संचालन ग्लोकल लॉ स्कूल के डॉ. मोहम्मद वाजिद खान के द्वारा किया गया।
संस्कृतिक कार्यक्रमों के अंतर्गत छात्र-छात्राओं के द्वारा पारंपरिक नृत्य, कविता पाठ, बालिका शिक्षा पर आधारित नाट्य प्रस्तुति तथा अन्य रंगारंग प्रस्तुतियां दी गईं ।
ग्लोकल विश्वविद्यालय की यात्रा और उपलब्धियों पर आधारित कविता और नज़्म को कार्यक्रम संयोजक प्रोफेसर संजय कुमार और फैकल्टी मेंबर फातिमा परवीन अकील के द्वारा प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर केक भी काटा गया ।
कार्यक्रम के दौरान संपूर्ण ग्लोकल विश्वविद्यालय में उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन के लिए विश्वविद्यालय के सर्वोच्च सम्मान चांसलर मेडल से विश्वविद्यालय की टॉपर बी.एस.सी. बायोटेक्नोलॉजी की छात्रा शिखा भारती को सम्मानित किया गया।
इसके साथ ही विश्वविद्यालय के सभी स्कूलों एवं कॉलेजों से चयनित तीन-तीन मेधावी विद्यार्थियों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए गोल्ड, सिल्वर एवं ब्रॉन्ज मेडल प्रदान कर सम्मानित किया गया।
इसी कार्यक्रम के अंतर्गत ग्लोकल विश्वविद्यालय के द्वारा संस्थापक दिवस के अवसर पर ग्लोकल हॉस्पिटल में एक निःशुल्क मेगा स्वास्थ्य शिविर का भी आयोजन किया गया।
इस शिविर में अनुभवी चिकित्सकों के द्वारा निःशुल्क चिकित्सकीय परामर्श प्रदान किया गया और विभिन्न प्रकार की निःशुल्क जाँच सुविधाएँ उपलब्ध कराई, जिनमें अल्ट्रासाउंड, आँखों की जाँच, ब्लड जाँच, पंचकर्म, ब्लड प्रेशर तथा ई.सी.जी. शामिल थे। करीब 350 से भी ज्यादा लोगों इस शिविर का लाभ उठाया।
इस अवसर पर सामाजिक उत्तरदायित्व का निर्वहन करते हुए और शीत ऋतु को ध्यान में रखते हुए ग्लोकल विश्वविद्यालय के द्वारा समीपवर्ती गांवों के जरूरतमंद एवं वंचित वर्ग के लोगों के लिए कंबल वितरण कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया। यह कंबल वितरण मिर्ज़ापुर पोल से प्रारंभ होकर शाहपुर गड्डा, शेरपुर पेलो, मगनपुरा, नूरबस्ती, खुशालपुर, कवासपुर, चंदचक, शेरपुर पेलो, कासमपुर, बादशाही बाग एवं पाडली गांवों में किया गया।
इसका समापन विश्वविद्यालय परिसर में हुआ, जिसमें लगभग एक हजार जरूरतमंद लोग लाभान्वित हुए।
कार्यक्रम के अंत में डीन स्टूडेंट वेलफेयर प्रोफेसर शोभा त्रिपाठी के द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया तथा राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का विधिवत समापन हुआ। इसके बाद विश्वविद्यालय का डिनर आयोजित किया गया।
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में उपरोक्त के साथ साथ डॉ. वसीम अहमद, सुरजीत सिंह, फातिमा परवीन अकील, डॉ वैशाली, गौरव कुमार, सुष्मिता, डॉ. अनूप कुमार के, डॉ. मोहम्मद बाबू खान, मोहम्मद मुर्तजा, डॉ. विकास दीपक श्रीवास्तव, शेख अब्दुल वासे, फैजान अली , प्रोफेसर मोहम्मद मजहर, डॉ. संदीप गुप्ता, डॉ. सैफुल्लाह जफर, मुकेश बिस्वास, सुष्मिता, शशांक पाल, आराधना एलियास, रीना कुमारी, आश्रिता दुबे, खुशबू कौसर, मोहम्मद जमीरुल इस्लाम, जोगिंदर रोहिल्ला, अमित त्यागी, फिरोज आलम, अहमद अली, मोहम्मद माजिद अहमद, मोहम्मद जमीरुल इस्लाम, कल्याण सिंह, डॉ. गौरव गोयल, डॉ. जीशान, डॉ. जगमोहन, डॉ. रिया, डॉ. तन्वी, डॉ. वैशाली, डॉ. सोनम, डॉ. सुष्मिता, शबनम, सैयद रेशमा,गुरदीप पंवार, अर्जुन पंवार, उस्मान चौधरी, डॉ. शोभा त्रिपाठी, अरुन, बिलाल अहमद, मोहम्मद शाहिद, डॉ. असगर अली, नफीस अहमद, ज़ैद सहित अन्य स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।







