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धरियावद विधायक थावर चन्द मीणा ने कलेक्टर से की चर्चा, आंगनवाड़ी चयन व जाखम नहर पर जताई चिंता…

धरियावद:- विधायक थावर चन्द मीणा ने गुरुवार को जिला कलेक्टर डॉ. अंजली राजौरिया से मुलाकात कर धरियावद क्षेत्र की दो गंभीर समस्याओं पर विस्तृत चर्चा की और उनके समाधान हेतु शीघ्र कार्रवाई की मांग की।
विधायक मीणा ने जाखम नहर परियोजना के अंतर्गत नहरों की सफाई व मरम्मत कार्य शीघ्र करवाने की मांग की। उन्होंने कहा कि जाखम नहर परियोजना धरियावद क्षेत्र की सिंचाई व्यवस्था की जीवनरेखा है, लेकिन वर्षों से नहरों की नियमित सफाई व मरम्मत नहीं होने से टेल तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है।
उन्होंने बताया कि दाई मुख्य नहर केशरियावद क्षेत्र के पास पूर्ण रूप से टूट चुकी है, जिससे उस क्षेत्र की सिंचाई व्यवस्था बाधित होगी। इसी प्रकार बाई मुख्य नहर के लिंबरवाड़ा वितरिका में भी पानी समय पर नहीं पहुंच पाता, जिसके कारण खेतों की फसलें प्रभावित हो रही हैं। नहरों के तल में रिसाव और टूट-फूट के चलते जल प्रवाह बाधित होता है।
विधायक मीणा ने कहा कि रबी की बुवाई का समय आरंभ हो चुका है, ऐसे में तत्काल नहरों की सफाई व मरम्मत के आदेश जारी किए जाएं ताकि किसानों को राहत मिल सके। उन्होंने यह भी आग्रह किया कि नहरों के रख रखाव हेतु स्थायी बजट प्रावधान का प्रस्ताव तैयार कर संबंधित विभाग को भेजा जाए।
विधायक मीणा ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका चयन प्रक्रिया में ग्राम पंचायत स्तर पर हो रही अनियमितताओं का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि बाल विकास परियोजना अधिकारी, प्रतापगढ़ द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार योग्य अभ्यर्थियों से आवेदन आमंत्रित किए गए थे, जिनमें कई अभ्यर्थियों ने सीडीपीओ धरियावद व अन्य ब्लॉकों में आवेदन जमा करवाए। परंतु अंतिम सूची ग्राम पंचायतों की अनुमोदन रिपोर्ट के आधार पर तैयार की जाती है, जिसमें पारदर्शिता की कमी सामने आई है।
उन्होंने कहा कि कई पंचायतों में चयन प्रक्रिया के दौरान अनियमितताओं की शिकायतें मिल रही हैं तथा कुछ मामलों में अभ्यर्थियों से अवैध राशि की मांग तक की जा रही है। परिणामस्वरूप कई ग्राम पंचायतों में फाइनल सूची रोकी गई है, जिससे पात्र अभ्यर्थियों में गहरा असंतोष और निराशा व्याप्त है।
इस पर विधायक ने मांग की कि चयन प्रक्रिया को जिला स्तर पर पुनः जांच की जाए तथा एक जिला स्तरीय निष्पक्ष व पारदर्शी समिति गठित की जाए, जिसमें जनप्रतिनिधि और संबंधित विभागीय अधिकारी शामिल हों। उन्होंने कहा कि सभी पात्र अभ्यर्थियों की योग्यता के आधार पर शीघ्र नियुक्ति की जाए ताकि विभागीय कार्यप्रणाली में स्थिरता व विश्वास बना रहे।
विधायक मीणा ने कहा कि ये दोनों मुद्दे सीधे तौर पर आमजन, विशेषकर ग्राम पंचायतों के बेरोजगार युवाओं और किसान वर्ग से जुड़े हैं। इसलिए प्रशासन को शीघ्र ठोस कदम उठाने चाहिए, ताकि पात्र अभ्यर्थियों को न्याय और किसानों को सिंचाई सुविधा दोनों समय पर मिल सकें।
मुलाकात के दौरान कलेक्टर डॉ. अंजली राजौरिया ने दोनों ही विषयों को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।

रिपोर्ट _हेमंत सालवी धरियावद

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