धार्मिक नगरी उज्जैन में दशहरे से पहले रावण दहन को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। अखिल भारतीय युवा ब्राह्मण समाज ने पूरे शहर में पोस्टर लगाकर रावण दहन का विरोध किया है। उनका कहना है कि रामायण में कहीं भी रावण दहन का उल्लेख नहीं है और यह परंपरा अब केवल मनोरंजन और राजनीति तक सीमित हो चुकी है। महाकाल सेना के संरक्षक महेश पुजारी का कहना है कि जो वास्तव में राम है वही रावण दहन करेंगे जबकि समाज के अन्य नेताओं का मानना है कि रावण महाज्ञानी और शिवभक्त था और उसका दहन करना अनुचित है। जनता की राय भी बनी हुई है। कुछ लोग इसे परंपरा और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक मानते हैं तो कई का कहना है कि इसकी आड़ में दिखावा और राजनीति बढ़ रही है। इसी बीच यह भी सुझाव सामने आया है कि शहरभर में अलग-अलग जगह पुतले जलाने के बजाय केवल एक स्थान पर कार्यक्रम किया जाए। वहीं उज्जैन में यह विवाद अब तेजी से चर्चा का विषय बन गया है और दशहरे के आयोजन पर इसका असर देखने को मिल सकता है।
उज्जैन में रावण दहन को लेकर विवाद युवा ब्राह्मण समाज ने दहन का किया विरोध…






