जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के चिशोती गांव में गुरुवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। मचेल माता यात्रा के मार्ग पर स्थित इस छोटे से गांव में अचानक बादल फटने से तबाही मच गई। देखते ही देखते तेज़ पानी और मलबे ने गांव को अपनी चपेट में ले लिया। कई घर बह गए और लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला।
अब तक 12 से 15 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है और कई अन्य लापता बताए जा रहे हैं। मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है। गांव में मातम पसरा है, वहीं राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सेना और स्थानीय प्रशासन की टीमें लगातार लोगों की मदद में जुटी हैं।
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने घटना पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने कहा, “किश्तवाड़ की इस त्रासदी से मन व्यथित है। जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी गहरी संवेदना है। प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि वे हर प्रभावित व्यक्ति को तत्काल मदद पहुंचाएं और राहत कार्यों में कोई कमी न हो।”
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने भी किश्तवाड़ के उपायुक्त से बात कर स्थिति की जानकारी ली और जरूरी कदम उठाने को कहा। स्थानीय विधायक और नेता प्रतिपक्ष सुनील कुमार शर्मा मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा ले रहे हैं और राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं।
गांव में कई लोग अब भी लापता हैं। उनके परिजन उम्मीद और डर के बीच अपने प्रियजनों का इंतज़ार कर रहे हैं। इस कठिन घड़ी में प्रशासन, सेना और राहत एजेंसियां हरसंभव मदद देने की कोशिश कर रही हैं।






