रिपोर्ट संजय मिश्रा
चित्रकूट। रानीपुर प्राथमिक विद्यालय में तैनात शिक्षक वेद प्रकाश मिश्रा एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। ग्रामीणों ने उन पर विद्यालय में अनियमित उपस्थिति, निर्माण कार्यों में दखल और ग्रामीणों के साथ अभद्रता के गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले ने गांव में तनाव का माहौल पैदा कर दिया है। हालांकि शिक्षा विभाग की ओर से अब तक किसी भी आरोप की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।ग्रामीणों का कहना है कि वेद प्रकाश मिश्रा महीनों से स्कूल में नियमित उपस्थिति नहीं दे रहे, जिससे प्राथमिक विद्यालय के बच्चों की पढ़ाई लगातार प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार मामले की शिकायत करने के बावजूद विभाग की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
ग्रामीणों के अनुसार वेद प्रकाश की पत्नी अपर्णा मिश्रा के नाम से “अपर्णा कंस्ट्रक्शन” नामक फर्म पंजीकृत है, जिसके माध्यम से पीडब्ल्यूडी के कुछ निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं। ग्रामीणों का दावा है कि चल रहे निर्माण में बड़े पैमाने पर मानकों की अनदेखी की जा रही है।
मुख्यालय से सटे गोबरिया गाँव में पीडब्ल्यूडी द्वारा कराए जा रहे बेडीपुलिया–गोबरिया मार्ग के निर्माण को लेकर ग्रामीणों ने जोरदार हंगामा किया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि:सड़क पर निर्धारित प्रक्रिया अनुसार तारकोल की परत डाले बिना सीधे डामर बिछाया गया कुछ ही दिनों में कई स्थानों पर सड़क उखड़ने लगी।ग्रामीणों का कहना है कि बारिश आते ही सड़क पूरी तरह खराब हो सकती है, जिससे सरकारी धन की भारी बर्बादी होगी।
ग्रामीणों ने दावा किया कि निर्माण स्थल पर ठेकेदार की जगह स्वयं वेद प्रकाश मौके पर उपस्थित थे और मजदूरों को निर्देश दे रहे थे। ग्रामीणों ने विरोध जताया तो विवाद बढ़ गया।ग्रामीणों के अनुसार, विरोध करने पर वेद प्रकाश ने गाली-गलौज की और कथित तौर पर धमकी भी दी।
मीडिया के पहुंचने पर वेद प्रकाश ने स्वयं को “आम जनता” बताते हुए कहा कि उनका निर्माण कार्य से कोई संबंध नहीं है और वे तो सिर्फ “रास्ते से गुजर रहे थे।”
वहीं ग्रामीणों का दावा है कि वे कई दिनों से निर्माण कार्य की निगरानी करते देखे जा रहे थे।
ग्रामीणों ने पूरे प्रकरण की जिलाधिकारी चित्रकूट सहित विभागीय अधिकारियों को लिखित शिकायत भेजी है और निर्माण गुणवत्ता व शिक्षक की कार्यशैली की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उनका कहना है कि करोड़ों रुपये की परियोजना में कथित लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।शिक्षा विभाग और पीडब्ल्यूडी अधिकारियों से इस मामले पर संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन खबर लिखे जाने तक कोई भी आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी।
इधर लगातार शिकायतों के बावजूद कार्रवाई न होने से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
चित्रकूट -शिक्षक पर लापरवाही और दबंगई के आरोप, ग्रामीणों में रोष,अधिकारियों की चुप्पी बरकरार






