पश्चिम बंगाल विधानसभा गुरुवार को रणभूमि बन गई। भाजपा और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के विधायक आपस में भिड़ गए, झड़प इतनी बढ़ी कि धक्का-मुक्की और हाथापाई तक हो गई। इस दौरान भाजपा के चीफ व्हिप शंकर घोष घायल हो गए और भारी हंगामे के बीच उन्हें सदन से निलंबित कर दिया गया। दरअसल, भाजपा विधायक शुभेंदु अधिकारी के निलंबन को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा था। घोष ने सदन से जाने से इनकार किया, जिसके बाद मार्शल बुलाए गए और स्थिति बिगड़ गई। हालात संभालने खुद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी वेल में उतरीं और विधायकों को शांत कराने की कोशिश की।
हंगामे के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने भाजपा को “भ्रष्टों और वोट चोरों की पार्टी” बताया और यहां तक कह दिया कि केंद्र में मोदी सरकार जल्द गिर जाएगी। दूसरी ओर, विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने ममता सरकार पर “लोकतंत्र की हत्या” का आरोप लगाया। उनके मुताबिक, विधानसभा में सत्ता पक्ष के दबाव में विपक्ष की आवाज़ दबाई जा रही है। भारी शोर-शराबे और नारेबाजी की वजह से सदन की कार्यवाही कई बार बाधित करनी पड़ी।






