Home / Events / बुलडाणा: पत्नी की कुल्हाड़ी से हत्या, 7 महीने की बच्ची हुई अनाथ — गांव में मातम

बुलडाणा: पत्नी की कुल्हाड़ी से हत्या, 7 महीने की बच्ची हुई अनाथ — गांव में मातम

रिपोर्ट: राजेंद्र ससाणे, एक्सप्रेस न्यूज़ भारत

बुलडाणा जिले के जळगाव जामोद तहसील के ऊटी बुद्रुक गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। घरेलू कलह के चलते पति ने अपनी ही पत्नी की कुल्हाड़ी से हत्या कर दी। इस हादसे से गांव में सन्नाटा पसर गया है, और सबसे दर्दनाक बात—अब 7 महीने की मासूम बच्ची अपनी मां के बिना रह गई है।

कैसे हुआ पूरा मामला?

पुलिस पाटिल संदीप गटामने ने दी गई शिकायत में बताया कि धुंडले परिवार खेती-बाड़ी करता है और घर में कुल चार लोग रहते हैं। पवन धुंडले अपनी पत्नी लक्ष्मी और छोटी बच्ची के साथ रहता था।

रात करीब 1 बजे पवन के पिता गजानन धुंडले घबराहट में पुलिस पाटिल के घर पहुंचे। उन्होंने बताया कि घर में भयंकर झगड़ा हुआ है और उनकी बहू लक्ष्मी खून से लथपथ पड़ी है।

सूचना मिलते ही पुलिस पाटिल मौके पर पहुंचे और डॉक्टरों व पुलिस को बुलाया। जांच में डॉक्टरों ने लक्ष्मी को मृत घोषित कर दिया।

झगड़ा बढ़ा… और जान चली गई

शिकायत के अनुसार, पूछताछ में पवन ने माना कि पत्नी उसे बार-बार अपमानित करती थी—कहती थी कि वह किसी काम का नहीं है, यहां तक कि “कहीं जाकर मर जा” जैसे शब्द भी कहे जाते थे।

इन बातों ने पवन को अंदर से तोड़ दिया। बताया जाता है कि इसी गुस्से और मानसिक दबाव में उसने रात को सोते समय कुल्हाड़ी से पत्नी की गर्दन पर वार कर दिया। एक पल का उफान, और पूरा परिवार उजड़ गया।

कानूनी कार्रवाई तेज

जलगांव जामोद पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

  • आरोपी: पवन गजानन धुंडले (28 वर्ष)
  • शिकायतकर्ता: संदीप गटामने (पुलिस पाटिल)
  • धारा: अप. क्र. 580/2025, सेक्शन 103(1) BNS 2023
  • रजिस्टर्ड ऑफिसर: कैलास सिंनकर
  • जांच अधिकारी: सब-इंस्पेक्टर स्नेहा शेडगे

गांव में मातम और सन्नाटा

घटना से पूरे गांव में शोक का माहौल है। लोग यह समझ नहीं पा रहे कि मामूली बातों पर शुरू हुआ झगड़ा इतनी बड़ी त्रासदी में कैसे बदल गया।

7 महीने की मासूम बच्ची अपनी मां की मौत और पिता की गिरफ्तारी से बेखबर है—लेकिन उसका भविष्य अब अनिश्चितताओं से घिर चुका है।

यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि घरेलू विवादों को समय रहते सुलझाना कितना जरूरी है, वरना गुस्से का एक पल जीवनभर का पछतावा बन सकता है।

[post-views]
Share
Now