उत्तर प्रदेश की सियासत एक बार फिर बयानबाज़ी की आग में झुलस रही है। सिद्धार्थनगर जिले के डुमरियागंज से भाजपा के पूर्व विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे कथित तौर पर विवादित धार्मिक टिप्पणी करते नज़र आ रहे हैं।
आखिर क्युँ मचा बवाल ?
विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह एक सभा के दौरान कहते सुने जा रहे हैं – हमारे समाज की 2 लड़कियों को वो ले गए, तुम मुसलमानो की 10 लड़कियाँ लाओ , 2 पे 10 से कम मंजुर नहीं है। और ये भी घोषित करते है जो ये काम करेगा उसके खाने पीने और नौकरी का इंतजाम हम करेंगे, लेकिन जो 2 गई है वो हमे पच नहीं रहा है, इस पुरे बयान में हैरानी वाली बात ये है की राघवेंद्र प्रताप सिंह को अपने दिए हुए इस बयान पर कोई अफ़सोस भी नहीं हो रहा है। उन्होंने इसे स्वीकार किया और कहा क्या साम्प्रदायिता को बनाए रखने की जिम्मेदारी सिर्फ हिन्दू की है ?
कौन है राघवेंद्र प्रताप सिंह
राघवेंद्र प्रताप सिंह 2017 में भाजपा से डुमरियागंज सीट से विधायक चुने गए थे। वह क्षेत्र में किसान वर्ग और हिंदुत्व राजनीति से जुड़े स्थानीय नेता के रूप में जाने जाते हैं। 2022 के चुनाव में उन्हें टिकट नहीं मिला था, लेकिन वे लगातार पार्टी कार्यक्रमों में सक्रिय रहे।
यह बयान भाजपा की “संवेदनशील छवि” को झटका दे सकता है, खासकर तब जब राज्य में चुनावी माहौल बनना शुरू हो चुका है। विपक्ष ने इस मुद्दे पर योगी सरकार को घेरना शुरू कर दिया है।
स्थानीय प्रशासन ने वीडियो की जांच शुरू कर दी है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि भाजपा नेतृत्व राघवेंद्र प्रताप सिंह पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करता है या नहीं।






