बिहार में एक बार फिर से महिला सुरक्षा को लेकर सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। गया जिले में होमगार्ड भर्ती प्रक्रिया के दौरान दौड़ती एक महिला अभ्यर्थी जब बेहोश हुई, तो उसे अस्पताल पहुंचाने के नाम पर एंबुलेंस में बैठे ड्राइवर और टेक्नीशियन ने दरिंदगी की सारी हदें पार कर दीं। पीड़िता के साहस और तत्परता से पुलिस ने महज दो घंटे में दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, लेकिन इस शर्मनाक घटना ने सरकारी प्रक्रियाओं की संवेदनहीनता को उजागर कर दिया है।
घटना का विवरण
यह घटना गया जिले के BMP‑3 परेड ग्राउंड में हुई, जहां राज्य भर से महिला-पुरुष अभ्यर्थी होमगार्ड भर्ती में शामिल होने आए थे। शारीरिक परीक्षण के दौरान एक 26 वर्षीय महिला अभ्यर्थी दौड़ लगाते समय बेहोश हो गई। उसे तत्काल एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया, लेकिन एंबुलेंस में न कोई महिला मेडिकल स्टाफ था और न ही कोई निगरानी तंत्र। इस स्थिति का फायदा उठाकर ड्राइवर विनय कुमार और टेक्नीशियन अजीत कुमार ने उसके साथ एंबुलेंस के भीतर ही दुष्कर्म किया।
पीड़िता की हिम्मत और पुलिस की तत्परता
पीड़िता ने होश में आते ही पुलिस को पूरी जानकारी दी। उसके बयान पर पुलिस ने तुरंत FIR दर्ज कर ली। SSP आनंद कुमार के नेतृत्व में बनी विशेष जांच टीम ने महज दो घंटे के भीतर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। घटनास्थल और एंबुलेंस से CCTV फुटेज, मेडिकल रिपोर्ट और FSL सबूत जुटाए गए हैं। पुलिस का कहना है कि इस मामले में तेजी से चार्जशीट दायर की जाएगी और फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई कराई जाएगी।
बिहार पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि मामला फास्ट ट्रैक कोर्ट में ले जाया जाएगा। मेडिकल और फोरेंसिक जांच की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। प्रशासन ने यह भी कहा है कि भविष्य में ऐसे आयोजनों में महिला स्टाफ की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी।






