देवबंद: भारतीय किसान यूनियन वर्मा एवं पश्चिम प्रदेश मुक्ति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भगत सिंह वर्मा को गुरुवार को सहारनपुर जनपद के ग्राम गंगदासपुर जट स्थित उनके आवास पर पुलिस द्वारा हाउस अरेस्ट किए जाने का मामला सामने आया। बताया गया कि वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से गन्ना किसानों की समस्याओं और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की उपेक्षा को लेकर वार्ता करने के लिए देवबंद जाना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें घर से बाहर नहीं निकलने दिया।
हाउस अरेस्ट के दौरान भगत सिंह वर्मा ने प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता के मुद्दों को मुख्यमंत्री तक पहुंचाना हर नागरिक का अधिकार है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर मुख्यमंत्री किसानों से संवाद क्यों नहीं करना चाहते।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार गन्ना किसानों की लगातार उपेक्षा कर रही है। उनका कहना था कि किसान पूरे वर्ष मेहनत और कर्ज लेकर गन्ने की फसल तैयार करता है, लेकिन चीनी मिलों द्वारा समय पर भुगतान नहीं किया जाता। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को गन्ने का लाभकारी मूल्य ₹700 प्रति कुंतल दिलाने में पूरी तरह विफल रही है, जबकि लागत मूल्य भी लगभग ₹550 प्रति कुंतल तक पहुंच चुका है।
भगत सिंह वर्मा ने कहा कि पंजाब सरकार यदि अपने किसानों को अतिरिक्त भुगतान दे सकती है तो उत्तर प्रदेश सरकार भी एक्साइज ड्यूटी से मिलने वाले राजस्व का हिस्सा किसानों को दे सकती है। उन्होंने मांग की कि प्रदेश सरकार गन्ना किसानों को ₹100 प्रति कुंतल अतिरिक्त सहायता राशि दे और बकाया भुगतान के साथ ब्याज भी तत्काल दिलाए।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसानों की मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया तो वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में किसान भाजपा के खिलाफ मतदान करेंगे। साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा एफआरपी में ₹10 प्रति कुंतल वृद्धि को किसानों के साथ “मजाक” बताया।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुद्दों को उठाते हुए भगत सिंह वर्मा ने कहा कि प्रदेश के 26 जिले सरकार को सबसे अधिक राजस्व देते हैं, इसके बावजूद शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं में यह क्षेत्र पीछे है। उन्होंने सहारनपुर, मेरठ और आगरा में सुपर स्पेशलिटी अस्पताल स्थापित करने, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में एम्स, आईआईटी, एनआईटी, आईआईएम तथा सहारनपुर में हॉर्टिकल्चर यूनिवर्सिटी स्थापित करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने समय रहते पश्चिमी उत्तर प्रदेश की समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया तो क्षेत्र की जनता आने वाले समय में बड़ा राजनीतिक फैसला लेने को मजबूर होगी
रिपोर्ट Naim.sagar






