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बरेली की राजनीति में बड़ा धमाका: धर्मेंद्र कश्यप ने इस्तीफे में भाजपा पर लगाए 10 गंभीर आरोप, गुटबाजी से लेकर कमीशनखोरी तक उठाए सवाल!

भाजपा को बताया प्राइवेट कंपनी, संगठन में तानाशाही और परिवारवाद का आरोप; बरेली मंडल की 80 फीसदी सीटें हारने का दावा, नगर निगम के 1000 करोड़ से अधिक के बजट की जांच की मांग

बरेली, 14 अक्टूबर 2026। बरेली की राजनीति में पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप के इस्तीफे से सियासी हलचल तेज हो गई है। भाजपा से लंबे समय तक जुड़े रहे धर्मेंद्र कश्यप ने अपने कथित इस्तीफे में पार्टी के संगठनात्मक ढांचे, आंतरिक लोकतंत्र, भ्रष्टाचार, गुटबाजी और जनप्रतिनिधियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने भाजपा को प्राइवेट कंपनी की तरह संचालित होने वाला संगठन बताते हुए आरोप लगाया कि पार्टी में समर्पित कार्यकर्ताओं की उपेक्षा हो रही है और कुछ प्रभावशाली नेताओं का वर्चस्व बढ़ता जा रहा है।

भाजपा को प्राइवेट कंपनी बताकर तानाशाही का आरोप

धर्मेंद्र कश्यप ने आरोप लगाया कि भाजपा अब पहले जैसी कार्यकर्ता आधारित पार्टी नहीं रही। उनका कहना है कि संगठन में लोकतांत्रिक व्यवस्था कमजोर हो चुकी है और महत्वपूर्ण फैसले कुछ चुनिंदा लोगों द्वारा लिए जा रहे हैं। पदाधिकारियों के चयन में कार्यकर्ताओं की राय लेने के बजाय ऊपर से निर्णय थोपे जाने का आरोप भी उन्होंने लगाया है।

पुराने कार्यकर्ताओं की उपेक्षा, परिवारवाद पर सवाल

पूर्व सांसद ने आरोप लगाया कि वर्षों तक पार्टी के लिए संघर्ष करने वाले पुराने कार्यकर्ताओं को किनारे किया जा रहा है, जबकि प्रभावशाली नेताओं के परिजनों और करीबियों को संगठन में प्राथमिकता मिल रही है। उन्होंने इसे भाजपा की मूल विचारधारा और संगठनात्मक परंपरा के विपरीत बताया।

पिछड़ों और दलितों के सम्मान का मुद्दा उठाया

धर्मेंद्र कश्यप ने पिछड़े और दलित समाज के कार्यकर्ताओं को पर्याप्त सम्मान तथा राजनीतिक भागीदारी नहीं मिलने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि इन वर्गों के समर्थन से पार्टी मजबूत हुई, लेकिन संगठन और सत्ता में उन्हें अपेक्षित महत्व नहीं मिल रहा।

बरेली भाजपा में गुटबाजी और पैसों के खेल का आरोप

सबसे गंभीर आरोप बरेली भाजपा के संगठनात्मक ढांचे को लेकर लगाए गए हैं। धर्मेंद्र कश्यप का दावा है कि जिले में गुटबाजी चरम पर है और संगठन में धनबल का प्रभाव बढ़ रहा है। उन्होंने कथित तौर पर अध्यक्षों को हर महीने एक से दो लाख रुपये दिए जाने का आरोप भी लगाया है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

बरेली मंडल की 80 फीसदी सीटें हारने का दावा

धर्मेंद्र कश्यप ने आगामी चुनावों को लेकर भाजपा के लिए बड़ी राजनीतिक चुनौती की आशंका जताई है। उनका दावा है कि यदि संगठन की वर्तमान स्थिति नहीं बदली तो बरेली मंडल में भाजपा को 80 प्रतिशत तक सीटों पर हार का सामना करना पड़ सकता है। यह उनका राजनीतिक आकलन है, न कि किसी चुनावी सर्वेक्षण का प्रमाणित निष्कर्ष।

थाने से तहसील तक भ्रष्टाचार, 20 प्रतिशत कमीशन का आरोप

पूर्व सांसद ने प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि थाने से लेकर तहसील तक भ्रष्टाचार व्याप्त है। उन्होंने सरकारी कार्यों में कथित तौर पर 20 प्रतिशत कमीशन लिए जाने की बात कही। इन आरोपों ने प्रशासनिक जवाबदेही और पारदर्शिता को लेकर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि किसी विशिष्ट मामले में भ्रष्टाचार सिद्ध होने की जानकारी उपलब्ध नहीं है।

नगर निगम के 1000 करोड़ से अधिक के बजट की जांच की मांग

धर्मेंद्र कश्यप ने बरेली नगर निगम के एक हजार करोड़ रुपये से अधिक के बजट के इस्तेमाल की जांच कराने की मांग की है। उन्होंने विकास कार्यों और सरकारी धन के उपयोग में पारदर्शिता सुनिश्चित करने का मुद्दा उठाया है। बजट संबंधी इस दावे और कथित अनियमितताओं की पुष्टि के लिए आधिकारिक वित्तीय अभिलेखों की जांच आवश्यक होगी।

हिंदू-मुस्लिम मुद्दे से हर चुनाव नहीं जीता जा सकता

पूर्व सांसद ने भाजपा की चुनावी रणनीति पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि केवल हिंदू-मुस्लिम मुद्दों के सहारे हर चुनाव नहीं जीता जा सकता। जनता रोजगार, विकास, भ्रष्टाचार, शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं जैसे मुद्दों पर भी जवाब चाहती है।

बरेली की राजनीति में नए समीकरणों की चर्चा

धर्मेंद्र कश्यप के इन आरोपों के बाद बरेली की राजनीति में नए समीकरणों की चर्चा तेज हो सकती है। उनके अगले राजनीतिक कदम और भाजपा नेतृत्व की प्रतिक्रिया पर निगाहें रहेंगी।

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या भाजपा नेतृत्व इन आरोपों पर सार्वजनिक जवाब देगा और क्या संगठन तथा प्रशासन पर लगाए गए वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों की जांच होगी?

संपादकीय नोट: यह खबर उपलब्ध कराए गए आरोपों पर आधारित है। इस्तीफे की मूल प्रति और भाजपा का आधिकारिक पक्ष स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं किया गया है। सभी आरोप संबंधित व्यक्ति के दावों के रूप में प्रस्तुत किए गए हैं।

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