बरेली। फर्जी फर्मों के माध्यम से करोड़ों रुपये की GST धोखाधड़ी करने वाले एक संगठित गिरोह का बरेली पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। थाना कैंट, इज्जतनगर और भमोरा पुलिस की संयुक्त टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी फर्जी कंपनियां बनाकर, बैंक खाते खुलवाकर और जाली दस्तावेजों के माध्यम से सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान पहुंचा रहे थे। प्रारंभिक जांच में करीब 5 करोड़ रुपये से अधिक की GST धोखाधड़ी सामने आई है। पुलिस अब आरोपियों के नाम पर संचालित अन्य फर्जी फर्मों और बैंक खातों की भी जांच कर रही है।
पुलिस के मुताबिक 30 जुलाई 2026 को मुखबिर से सूचना मिली कि GST धोखाधड़ी में शामिल दो आरोपी न्योरा पेट्रोल पंप के पास मौजूद हैं। सूचना मिलते ही थाना कैंट, इज्जतनगर और भमोरा पुलिस की संयुक्त टीम ने घेराबंदी कर राहुल गुप्ता (33) निवासी संभल और गोविंद गुप्ता (36) निवासी बरेली को गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें फर्जी फर्मों, बैंक खातों और करोड़ों रुपये के वित्तीय लेन-देन से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए।
पूछताछ में आरोपियों ने फर्जी फर्मों के माध्यम से बैंक खाते संचालित करने और GST इनपुट टैक्स क्रेडिट का गलत लाभ लेने से जुड़े कई अहम जानकारियां दीं। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस नेटवर्क के जरिए बड़े पैमाने पर फर्जी बिलिंग और वित्तीय लेन-देन किया गया। अब पूरे नेटवर्क की वित्तीय गतिविधियों और डिजिटल रिकॉर्ड की गहन जांच की जा रही है।
जांच के दौरान अमित गुप्ता और प्रशांत गुप्ता के नाम भी सामने आए हैं। पुलिस दोनों की भूमिका की गंभीरता से जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों, बैंक रिकॉर्ड और दस्तावेजों के आधार पर पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बड़ी मात्रा में दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं। बरामदगी में एक कार, 9 मोबाइल फोन, 37 एटीएम एवं डेबिट कार्ड, 12 पैन कार्ड, 21 आधार कार्ड एवं अन्य पहचान पत्र, 36 चेकबुक, 17 बैंक पासबुक, 5 हस्ताक्षरित ब्लैंक चेक, 6 फर्जी फर्मों की मुहरें, 8 यूपीआई/क्यूआर स्कैनर, रजिस्टर, डायरी तथा GST और बैंकिंग से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि इन दस्तावेजों के आधार पर पूरे नेटवर्क का विश्लेषण किया जाएगा और यह पता लगाया जाएगा कि फर्जी फर्मों के माध्यम से कितनी वित्तीय धोखाधड़ी की गई।
बरामद मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरणों की फॉरेंसिक जांच भी कराई जाएगी। साथ ही बैंक खातों में हुए लेन-देन, लाभार्थियों और संदिग्ध कंपनियों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस का मानना है कि जांच आगे बढ़ने पर इस गिरोह से जुड़े कई अन्य लोगों के नाम भी सामने आ सकते हैं। आर्थिक अपराध से जुड़े इस मामले में विभिन्न एजेंसियों से भी आवश्यक सूचनाएं जुटाई जा रही हैं।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ थाना कैंट, इज्जतनगर और भमोरा में दर्ज मामलों में अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है। साथ ही पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों, फर्जी फर्मों और बैंक खातों की जांच लगातार जारी है। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में आगे और भी बड़े खुलासे तथा गिरफ्तारियां होने की संभावना है।
यह पूरी कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) के निर्देशन एवं पुलिस अधीक्षक अपराध (SP Crime) के पर्यवेक्षण में संपन्न हुई। वहीं, SIT के मुख्य विवेचक संजय धीर के नेतृत्व में थाना कैंट, इज्जतनगर और भमोरा पुलिस की संयुक्त टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, गोपनीय सूचनाओं और सटीक रणनीति के आधार पर कार्रवाई करते हुए 5 करोड़ रुपये से अधिक की GST धोखाधड़ी का पर्दाफाश किया और दो आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की। पुलिस का कहना है कि संजय धीर के नेतृत्व में इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों, फर्जी फर्मों और वित्तीय लेन-देन की जांच लगातार जारी है तथा जल्द ही इस मामले में और भी महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना है।






