मोहनपुर में संपत्ति विवाद के दौरान मारपीट और धमकी देने की शिकायत; पुलिस ने आरोपी को घर से पकड़कर न्यायालय में पेश किया
बरेली। कैंट थाना क्षेत्र के मोहनपुर गांव में मकान पर कब्जा करने और उसे खाली कराने के बदले 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगने के मामले में पुलिस ने नामजद आरोपी जाकिर हुसैन को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, 35 वर्षीय जाकिर को 29 सितंबर की सुबह उसके घर से पकड़ा गया। गिरफ्तारी के बाद उसे माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।
मकान खाली करने के बदले रुपये मांगने का आरोप
मामला मोहनपुर निवासी वाजिद हुसैन की शिकायत से जुड़ा है। वाजिद ने आरोप लगाया था कि जाकिर हुसैन, आसिफ हुसैन और आमिर हुसैन ने उनके मकान पर कब्जा करने की कोशिश की। शिकायत के अनुसार, मकान खाली करने के बदले उनसे 10 लाख रुपये की मांग की गई। रुपये नहीं देने पर आरोपियों ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी और उनके साथ मारपीट की।
वाजिद की शिकायत पर कैंट थाने में 7 सितंबर 2026 को मुकदमा संख्या 440/26 दर्ज किया गया। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 308(5), 308(2), 115(2), 352 और 351(3) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस की कार्रवाई फिलहाल इसी मुकदमे में नामजद जाकिर हुसैन की गिरफ्तारी से संबंधित है। शिकायत में लगाए गए आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के बाद होगा।
तलाश के दौरान घर पर मिला आरोपी
पुलिस के अनुसार, वांछित आरोपियों की तलाश के लिए चलाए जा रहे अभियान में कैंट थाने की टीम 29 सितंबर को संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि जाकिर अपने मोहनपुर स्थित घर पर मौजूद है। सूचना पर टीम वहां पहुंची और सुबह करीब 7:50 बजे उसे गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस का कहना है कि गिरफ्तारी के दौरान निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया गया। आरोपी को गिरफ्तारी की जानकारी दी गई और उसके परिजनों को भी सूचित किया गया। आवश्यक कार्रवाई पूरी करने के बाद पुलिस ने उसे न्यायालय में पेश किया। इस कार्रवाई में किसी सामान की बरामदगी नहीं दिखाई गई है।
जाकिर के खिलाफ पहले भी दर्ज हैं मामले
पुलिस की ओर से जारी आपराधिक इतिहास के अनुसार, जाकिर हुसैन के खिलाफ मौजूदा मुकदमे के अलावा पांच पुराने मामले दर्ज हैं। इनमें वर्ष 2018 का कैंट थाने में दर्ज मुकदमा संख्या 497/2018, वर्ष 2021 का मुकदमा संख्या 169/2021, वर्ष 2022 का मुकदमा संख्या 478/2022 और वर्ष 2024 का मुकदमा संख्या 213/2024 शामिल हैं। इन मामलों में मारपीट, धमकी सहित विभिन्न धाराओं का उल्लेख है।
वर्ष 2025 में उसके खिलाफ कोतवाली थाने में मुकदमा संख्या 037/2025 भी दर्ज हुआ था, जिसमें भारतीय न्याय संहिता और आर्म्स एक्ट की धाराएं शामिल हैं। पुलिस ने मौजूदा मुकदमे को भी उसके आपराधिक इतिहास की सूची में दर्ज किया है। हालांकि, पुराने मुकदमों का दर्ज होना अपने आप में दोष सिद्ध होने का प्रमाण नहीं है।
इन पुलिसकर्मियों ने की कार्रवाई
जाकिर की गिरफ्तारी करने वाली कैंट थाने की टीम में प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार, वरिष्ठ उपनिरीक्षक श्रीनिवास, उपनिरीक्षक प्रतीक तोमर, कांस्टेबल राजीव कुमार, सुमित कुमार सिरोही, विकास कुमार और महिला कांस्टेबल चेतना शामिल थीं। पुलिस के अनुसार, टीम ने सूचना मिलने के बाद मोहनपुर पहुंचकर आरोपी को पकड़ा और आगे की कानूनी कार्रवाई पूरी की।
इस मामले में शिकायत का केंद्र मकान पर कथित कब्जे की कोशिश, उसे खाली करने के एवज में रुपये की मांग और विरोध करने पर मारपीट व धमकी देने के आरोप हैं। पुलिस की जांच में घटना से जुड़े तथ्यों और नामजद अन्य लोगों की भूमिका स्पष्ट होगी।






