रिपोर्टर पप्पू लाल पंसारी
जोधपुर हाई कोर्ट से बड़ी राहत
राजस्थान उच्च न्यायालय की जोधपुर सिंगल बेंच ने धनोप ग्राम पंचायत की तात्कालिक सरपंच रिंकू देवी वैष्णव को बड़ी राहत प्रदान की है। न्यायालय ने राज्य सरकार द्वारा जारी पदमुक्ति (पद से हटाने) के आदेश पर रोक लगा दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, धनोप ग्राम पंचायत में कथित फर्जी पट्टा वितरण मामले को लेकर राज्य सरकार ने कार्रवाई करते हुए सरपंच रिंकू देवी वैष्णव को पद से निलंबित कर पदमुक्त करने का आदेश जारी किया था। सरकार का आरोप था कि ग्राम पंचायत स्तर पर नियमों की अनदेखी कर पट्टों का वितरण किया गया।
सरकार के आदेश पर न्यायालय की रोक
पदमुक्ति आदेश के बाद रिंकू देवी वैष्णव ने इस निर्णय को न्यायालय में चुनौती दी। मामले की सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट जस्टिस कुलदीप माथुर द्वारा सिंगल बेंच ने प्रथम दृष्टया तथ्यों पर विचार करते हुए राज्य सरकार के आदेश पर रोक लगा दी।
न्यायालय के इस अंतरिम आदेश के बाद फिलहाल रिंकू देवी वैष्णव को राहत मिली है। हालांकि, यह अंतिम निर्णय नहीं है और मामले की विस्तृत सुनवाई अभी शेष है।
राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल
हाई कोर्ट के आदेश के बाद धनोप ग्राम पंचायत सहित आसपास के क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मियां बढ़ गई हैं। समर्थकों ने इसे न्याय की जीत बताया है, जबकि विरोधी पक्ष का कहना है कि मामले की अंतिम सुनवाई के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।
आगे क्या?
अब इस प्रकरण में अगली सुनवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यदि न्यायालय अंतिम रूप से सरकार के आदेश को निरस्त करता है, तो यह रिंकू देवी वैष्णव के लिए बड़ी कानूनी जीत होगी। वहीं यदि सरकार अपने आरोपों को साबित करने में सफल रहती है, तो आगे की कार्रवाई संभव है।
फिलहाल, जोधपुर सिंगल बेंच द्वारा पदमुक्ति आदेश पर लगाई गई रोक ने धनोप ग्राम पंचायत की राजनीति को नया मोड़ दे दिया है।
धनोप ग्राम पंचायत प्रशासक रिंकू देवी वैष्णव को हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिलने के बाद स्थानीय राजनीति में हलछचल तेज हो गई






