झालावाड़ से ब्यूरो चीफ आसिफ शेरवानी की रिपोर्ट
सावन के दूसरे सोमवार को श्रद्धालुओं के आवागमन महाकाल मंदिर मोडी मेहसर की झीर जूना खेड़ा जिला मुख्यालय से नेशनल हाईवे 52 भोपाल रोड पर 25 किलोमीटर दूर असनावर कस्बे से 5 किलोमीटर जूना खेड़ा रेलवे स्टेशन होते हुए बहुत सुंदर प्राचीन में प्रकृति सौंदर्य से भरपूर जन जन की मनोकामना पूर्ण करने वाले बाबा महाकाल का प्राचीन मंदिर एवं विश्वसनीय स्थान मोदी मैसेंजर महादेव जी का मंदिर जो झालावाड़ जिला नहीं अभी तो मध्य प्रदेश के विभक्ति दर्शन के लिए 12 ही महीने यहां आते हैं महाकाल मंदिर के नीचे एक रहस्यमई कुंड है कुंड का पानी पीने से वह नहाने से सभी कुष्ठ रोग दूर होकर निरोगी काया होती है दूर-दूर के भक्तस कुंड का जल ले जाते हैं यहां पर हर चौदस को बाबा का जागरण वर्षों से चल रहा है यही परंपरा आज भी कायम है 12 महीने ही बाबा के यहां गोते होती है एवं भंडारा होता है बाबा के मंदिर के सामने भी एक रहस्य में कुंड है इस कुंड के जल ने निकाली हुई इस कुंड से जो झड़ने निकली हुई है उसमे मात्र तीन दिन में ही हड्डियां गल जाती है इस क्षेत्र के लोग इसे गंगा जी ही नहीं मानतेअपितु इससे बढ़कर मानते हैं मंदिर प्रांगण में धर्मशाला पार्क झूले मनोरंजन के सभी साधन है मोदी में सरकार के सीताफल भी बहुत प्रसिद्ध है जिले में एमपी तक के लोग यहां से सीताफल ले जाते हैं बाबा का मंदिर तीनों तरफ से पहाड़ियों से घिरा हुआ है पूरा मंदिर प्रकृति के सौंदर्य से गिरा हुआ है जिसकी सुंदरता देखते ही बनती है इस मंदिर के पिछले बहुत ही रहस्य में चमत्कार है मंदिर के पास प्राचीन गुफाएं हैं पहाड़ी पर अंबे माता जी का मंदिर है और उसके ऊपर पहाड़ी की चोटी पर हनुमान जी महाराज का बहुत ही प्राचीन मंदिर है बाबा के मंदिर के सामने जो कुंड बना है उसके पर रहस्यमई झड़ते हैं हजारों की संख्या में भक्ति चरणों का आनंद लेते हैं इसके ऊपर बहुत ही प्राचीन हिंगलाज माताजी का मंदिर रहस्यमई मंदिर है लुटेरों का लूट का वह चोरी का सामान माताजी के मंदिर पर ही छुपाया जाता था आज भी यहां मैया रानी के शहर की दहाड़ सुनाई देती है बाबा महाकाल पर आज भी यहां अनेक ऋषि मुनि रहते हैं घने जंगल के बीच महाकाल बाबा का मंदिर है आज भी जंगली जानवरों का रात को बहुत डर रहता है







