अमेरिका के मिडटर्म चुनाव 2026 के नतीजों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी रिपब्लिकन पार्टी को बड़ा राजनीतिक झटका दिया है। 3 नवंबर को हुए चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अमेरिकी संसद के दोनों सदनों—सीनेट और हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स—में बहुमत हासिल कर लिया है। इस नतीजे को ट्रंप की नीतियों के खिलाफ जनता के रुख के तौर पर देखा जा रहा है।
सीनेट में डेमोक्रेट्स की जीत कई अहम राज्यों में रिपब्लिकन उम्मीदवारों को हराने के बाद सामने आई है। टेक्सास, आयोवा, कंसास, ओहायो, नॉर्थ कैरोलिना और मेन जैसे राज्यों में डेमोक्रेटिक पार्टी को बड़ी सफलता मिली। वहीं, हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में भी डेमोक्रेट्स ने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है। इन नतीजों के साथ ही अमेरिकी कांग्रेस में सत्ता का संतुलन बदल गया है।
मिडटर्म चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी की हार के पीछे महंगाई, बढ़ती ईंधन कीमतें, ईरान के साथ युद्ध और ट्रंप प्रशासन की नीतियों को प्रमुख मुद्दा माना जा रहा है। चुनावी नतीजों का असर अब ट्रंप के आगामी राजनीतिक फैसलों और उनके एजेंडे पर भी पड़ सकता है। कांग्रेस के दोनों सदनों में डेमोक्रेट्स के नियंत्रण के बाद राष्ट्रपति ट्रंप के लिए अगले दो साल राजनीतिक रूप से चुनौतीपूर्ण रहने की संभावना है।
अमेरिकी राजनीति में आए इस बड़े बदलाव पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं।





