माननीय हाईकोर्ट ने उनकी जमानत अर्जी खारिज कर दी। अभियोजन पक्ष की ओर से एजीए नितेश श्रीवास्तव ने न्यायालय में दंगे की पूर्व योजना, हथियार जुटाने, भीड़ एकत्र करने और लोगों को उकसाने से जुड़े साक्ष्य प्रस्तुत किए। विवेचक संजय कुमार धीर ने केस डायरी व वीडियो साक्ष्यों के आधार पर मौलाना की भूमिका मुख्य षड्यंत्रकारी के रूप में बताई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने जमानत याचिका निरस्त कर दी।






