उत्तर प्रदेश आबकारी आयुक्त डॉ आदर्श सिंह खुद कर रहे मॉनिटरिंग
हरियाणा पंजाब से तस्करी और कच्ची शराब पर निगरानी
सहारनपुर (उत्तर प्रदेश)। अंतरराज्यीय शराब तस्करी और जिले में बनने वाली कच्ची शराब पर लगाम लगाने के लिए अब उत्तर प्रदेश के आबकारी आयुक्त डॉ. आदर्श सिंह ने खुद मोर्चा संभाल लिया है। हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ से आने वाली अवैध देसी शराब तथा स्थानीय स्तर पर बनाई जा रही कच्ची शराब पर सख्त निगरानी के लिए आयुक्त स्तर से सीधी मॉनीटरिंग शुरू हो गई है।
सहारनपुर जिला लंबे समय से अवैध शराब तस्करी के मामले में संवेदनशील माना जाता रहा है। जिले की सीमा हरियाणा से सटी होने और शामली-मुजफ्फरनगर के नजदीक होने के कारण तस्करों का नेटवर्क यहां सक्रिय रहता है। पिछले कुछ वर्षों में जिले की रैंकिंग और रेवेन्यू में कमी आने से उच्चाधिकारी नाराज थे।
सूत्रों के अनुसार, आबकारी आयुक्त डॉ. आदर्श सिंह हर बैठक में सहारनपुर और शामली जिले के लिए विशेष रूप से सख्त निर्देश दे रहे हैं। नतीजा यह है कि पिछले दो दिनों में लगातार कार्रवाइयां हुई हैं। बेहट और देवबंद सर्किल के कई गांवों में दबिश देकर भारी मात्रा में कच्ची शराब और लहन बरामद किया गया। सीमा पर चेक पोस्टों पर भी चौकसी बढ़ा दी गई है।
इस पूरे अभियान में उप आबकारी आयुक्त सुधीर कुमार अहम भूमिका निभा रहे हैं। शामली जिले में लंबा अनुभव रखने वाले सुधीर कुमार सहारनपुर मंडल को रैंकिंग में ऊपर लाने के लिए लगातार दौरा कर रहे हैं। उन्होंने मुजफ्फरनगर और शामली के आबकारी निरीक्षकों को कच्ची शराब के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
उप आबकारी आयुक्त सुधीर कुमार ने बताया, “लगातार दो दिनों से हमारे निरीक्षक गांव-गांव दबिश दे रहे हैं। बेहट और देवबंद क्षेत्र में बड़ी मात्रा में कच्ची शराब व लहन पकड़ा गया है। हमारा लक्ष्य है कि सहारनपुर मंडल को अवैध शराब के मामले में शीर्ष रैंकिंग पर लाया जाए।”
जिले के पुराने अधिकारी बताते हैं कि पूर्व जिला आबकारी अधिकारी वरुण कुमार और करुणेन्द्र सिंह के कार्यकाल में रेवेन्यू अच्छा रहा था और तस्करों पर कड़ा शिकंजा था। उनके बाद जिला सुर्खियों में रहा, लेकिन अब आयुक्त के सीधे हस्तक्षेप से फिर से सख्ती का दौर शुरू हो गया है।
रिपोर्टः नीरज जॉय, सहारनपुर






