देहरादून, 7 सितंबर 2025 – उत्तराखंड में मौसम का मिजाज फिर से चुनौती बन गया है। पिछले कुछ दिनों से भले ही बारिश की रफ्तार थोड़ी धीमी हुई हो, लेकिन बीते हफ्ते आसमान ने जमकर मेहरबानी दिखाई। नतीजा ये रहा कि राज्य में सामान्य से करीब 200% ज्यादा बारिश दर्ज की गई और कई जिलों में आपदा जैसे हालात बन गए।
मौसम विभाग ने रविवार को देहरादून, चंपावत और नैनीताल में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। अन्य जिलों में भी बिजली कड़कने और तेज बारिश की चेतावनी है। उधर, मैदानी इलाकों में दिन के वक्त धूप निकलने से उमस और गर्मी लोगों को परेशान कर रही है।
कहाँ कितनी बारिश हुई?
28 अगस्त से 3 सितंबर तक प्रदेश में 187.6 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
- बागेश्वर सबसे आगे रहा – 274.3 मिमी (686% ज्यादा)
- ऊधमसिंह नगर – 327 मिमी (440% ज्यादा)
- पौड़ी में सबसे कम बारिश – 73 मिमी (9% कम)
सड़कें बनी आफत
बारिश और मलबे की वजह से प्रदेश में 284 सड़कें ठप हो गई हैं। इनमें सबसे ज्यादा उत्तरकाशी की 54 सड़कें शामिल हैं। चमोली में 41, रुद्रप्रयाग में 29, पौड़ी और टिहरी में 24-24, देहरादून में 18 और हरिद्वार में 17 सड़कें बंद हैं। अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर में भी हालात कुछ अलग नहीं हैं।
प्रशासन की टीमें लगातार राहत-बचाव और सड़कों को खोलने का काम कर रही हैं, लेकिन पहाड़ी इलाकों में लोगों की मुश्किलें अभी भी कम होती नहीं दिख रहीं।






