पिंडर घाटी में बुधवार रात और बृहस्पतिवार तड़के हुई मूसलधार बारिश ने लोगों का चैन छीन लिया। तहसील जिलासू के सेमी ग्वाड गांव में पैदल रास्ते धंस गए, मकानों पर गहरी दरारें पड़ गईं और पुराना जल स्रोत भी भूधंसाव की जद में आ गया। अचानक आई इस तबाही ने ग्रामीणों की नींद उड़ा दी। सगवाड़ा गांव में हालात और भी खराब रहे—जगत पाल सिंह बिष्ट का मकान तो पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और 15 परिवारों को अपना घर छोड़कर पंचायत घर और सुरक्षित जगहों पर शरण लेनी पड़ी।
इधर राड़ी गांव में घांघली गदेरे के उफान ने लोगों के दिलों में डर भर दिया। कई मकानों की नींव खोखली हो चुकी है, जिनके किसी भी वक्त ढह जाने की आशंका है। ग्रामीण अपने ही घरों को खतरे में देखकर सहमे हुए हैं। प्रशासन ने हालात को गंभीर मानते हुए प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। एसडीएम पंकज भट्ट ने पुष्टि की कि एक मकान मलबे में दब गया और दूसरा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुआ, हालांकि सौभाग्य से इनमें कोई रह नहीं रहा था। पिछले दिनों इसी गांव में एक मकान गिरने से युवती की मौत हो चुकी थी, ऐसे में इस बार किसी जनहानि न होने से लोगों ने राहत की सांस ली है।






