जम्मू-कश्मीर में माता वैष्णोदेवी इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल एक्सीलेन्स में एडमिशन को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि 2025-26 सत्र के लिए मेडिकल कोर्स में प्रवेश पाने वाले छात्रों में मुस्लिम छात्रों की संख्या अधिक है, जिसे लेकर विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने तीखी आपत्ति जताई है।
VHP की मांग इस सत्र के एडमिशन रोके जाएं
VHP ने प्रेस बयान जारी कर कहा है कि इस वर्ष हुए एडमिशन तुरंत रोके जाएं, और अगले सत्र में यह सुनिश्चित किया जाए कि संस्थान “अपनी गलती दोहराए नहीं।” संगठन का आरोप है कि माता वैष्णोदेवी जैसे पवित्र धाम के दान और संसाधनों से चलने वाले मेडिकल संस्थान में चयन प्रक्रिया पारदर्शी नहीं रही, और “स्थानीय हिंदू छात्रों की अनदेखी” की गई।
बजरंग दल ने किया प्रदर्शन, प्रबंधन को चेतावनी
कटरा और आसपास के इलाकों में बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने कहा चयन प्रक्रिया की जांच हो, सीट अलॉटमेंट का डेटा सार्वजनिक किया जाए, और एडमिशन में धार्मिक संतुलन की समीक्षा की जाए बजरंग दल ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि स्थिति स्पष्ट नहीं की गई तो वह “बड़ा आंदोलन” करेगा।
कॉलेज प्रशासन ने क्या कहा?
संस्थान की ओर से प्राथमिक प्रतिक्रिया में कहा गया है कि एडमिशन NEET मेरिट के आधार पर दिए गए हैं, धर्म या समुदाय के नाम पर किसी प्रकार का भेदभाव नहीं किया गया, कॉलेज में सीटों का आवंटन राष्ट्रीय नियमों के अनुसार होता है। प्रबंधन ने यह भी कहा कि पूरा डेटा आवश्यकता पड़ने पर प्रशासन को उपलब्ध करा दिया जाएगा।






