Home / Updates / “21 साल का रिकॉर्ड टूटा! अगस्त में उत्तर-पश्चिम भारत में सबसे ज्यादा बारिश, अब सितंबर के लिए भी IMD का अलर्ट!”

“21 साल का रिकॉर्ड टूटा! अगस्त में उत्तर-पश्चिम भारत में सबसे ज्यादा बारिश, अब सितंबर के लिए भी IMD का अलर्ट!”

उत्तर भारत का बड़ा हिस्सा इन दिनों पानी-पानी है — कहीं पहाड़ टूट रहे हैं, तो कहीं खेत डूब रहे हैं। उत्तराखंड, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश ने ज़मीन को खिसकने पर मजबूर कर दिया है। पहाड़ों से मलबा गिर रहा है, पुल बह रहे हैं और रास्ते टूटते जा रहे हैं। वहीं मैदानी इलाकों में जैसे पंजाब, राजस्थान और यूपी में हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ा। पंजाब में दशकों बाद आई बाढ़ ने गांवों को तालाब में बदल दिया — खेत जलमग्न हो गए और लाखों लोग बेघर हो गए। बच्चों की स्कूल डायरियाँ, किसानों के सपने, और दुकानों की रोशनी… सब पानी में बह गए।

इस बीच IMD की चेतावनी ने सितंबर को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है। मौसम विभाग ने बताया है कि अगस्त में उत्तर-पश्चिम भारत में 265 मिमी बारिश हुई — जो 2001 के बाद सबसे ज्यादा है। और ये सिलसिला अब भी थमा नहीं है। सितंबर में भी सामान्य से अधिक बारिश की आशंका है, खासकर उत्तराखंड, दिल्ली, राजस्थान और छत्तीसगढ़ जैसे इलाकों में। विभाग का साफ कहना है कि अगर नदियां उफान पर आईं, तो निचले इलाकों को बड़ा नुकसान हो सकता है। पहाड़ों से उठती हर नदी किसी न किसी शहर की रसोई तक पहुंचती है — और अगर ऊपर भारी बारिश होती है, तो नीचे तबाही तय मानी जाती है। अब सवाल यह नहीं है कि बारिश होगी या नहीं, सवाल ये है कि हम इसके लिए कितने तैयार हैं।

[post-views]
Share
Now