विश्वविद्यालय प्रशासन को चाहिए कि वह छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करे।
किसी भी परिस्थिति में छात्रों के साथ अशोभनीय व्यवहार या दुर्व्यवहार नहीं किया जाना चाहिए*।
— डॉ. अज़म बैग
एएमयू ओल्ड बॉयज़ एसोसिएशन राजस्थान के अध्यक्ष, पूर्व अध्यक्ष ए एम यू छात्र संघ और आई एम सी आर के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. अज़म बैग ने एएमयू प्रशासन को कड़े शब्दों में लिखित ज्ञापन भेजा है, जिसमें शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ हाल ही में की गई बल प्रयोग की घटना की निंदा की गई है।
ज्ञापन में एएमयू ओल्ड बॉयज एसोसिएशन, राजस्थान ने छात्रों की वैध मांगों पर तत्काल कार्रवाई, प्रॉक्टर कार्यालय में कथित रूप से क्रूरता में शामिल लोगों को निलंबित करने तथा एक निष्पक्ष जांच समिति के गठन की मांग की हे।
एसोसिएशन ने चेतावनी दी कि यदि इन मांगों को 15 अगस्त तक पूरा नहीं किया गया, तो देश भर की एएमयू ओल्ड बॉयज एसोसिएशन,छात्र संघ के पूर्व पदाधिकारी गण और वरिष्ठ अलीग्स का एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल परिसर का दौरा कर छात्रों के साथ एकजुटता से खड़ा होगा।
डॉ. बैग ने छात्रों से यह भी अपील की हे कि वे कानून को अपने हाथ में न लें, स्थिति की संवेदनशीलता को समझें और अपने मांगों को संविधान के दायरे में रहते हुए, विश्वविद्यालय और उसके आल्मा मेटर की गरिमा बनाए रखते हुए, प्रशासन या सरकार के सामने प्रस्तुत करें।
ज्ञापन में यह स्पष्ट किया गया कि शांतिपूर्ण विरोध एक संवैधानिक अधिकार है और एएमयू प्रशासन से आग्रह किया गया कि इस मामले का समाधान त्वरित, निष्पक्ष और न्यायसंगत तरीके से किया जाए।






