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“637 करोड़ का बैंक घोटाला: फर्जी कंपनियों और डमी निदेशकों की मिलीभगत से हुआ शॉकिंग धोखाधड़ी”

चेन्नई के प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अरविंद रेमेडीज लिमिटेड से जुड़े कई स्थानों पर दो सितंबर को छापेमारी की। जांच में सामने आया कि प्रमोटर अरविंद बी. शाह और उनके सहयोगियों ने 8 बैंकों के साथ मिलकर 637 करोड़ रुपये का धोखाधड़ी का जाल बिछाया। फर्जी कंपनियों और डमी निदेशकों की मदद से बैंक फंड का गलत इस्तेमाल किया गया, और दलालों के माध्यम से नकद वेतन देकर उन्हें प्रबंधन में शामिल किया गया। इस पूरे मामले में पैसा कंपनियों के बीच घुमाकर शेयर कीमतों में हेरफेर और व्यक्तिगत संपत्तियों पर खर्च किया गया।

तलाशी अभियान के दौरान ईडी ने कई डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्य जब्त किए और प्रमोटरों के नाम पर रखी कई संपत्तियों और लगभग 15 लाख शेयर फ्रीज कर दिए। फर्जी निदेशकों ने माना कि उन्हें कंपनी के कामकाज की जानकारी नहीं थी, और केवल नाममात्र के कमीशन के लिए हस्ताक्षर किए। जांच अभी जारी है और संपत्तियों का मूल्यांकन किया जा रहा है। इस घोटाले ने यह साफ कर दिया है कि किस तरह बैंक फंड का दुरुपयोग कर बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी की जा सकती है।

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