अशोक कुमार श्रीवास की रिपोर्ट
कोरबा//ग्राम पंचायत कनकी क्षेत्र में आयोजित जन समस्या निवारण शिविर में ग्रामीणों ने एक के बाद एक कई बुनियादी समस्याएं प्रशासन के सामने रखीं। जहां एक ओर सड़क निर्माण की मांग प्रमुख रही, वहीं स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाल स्थिति ने भी लोगों की चिंता बढ़ा दी।
सड़क के साथ स्वास्थ्य सुविधा का मुद्दा भी उठा
ग्रामीणों ने बताया कि:
धान मंडी कनकी से ग्राम पंचायत तरदा के सीसी रोड तक पहुंच मार्ग और
कनकी से भादा-बरगुडु तक सड़क निर्माण
की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन अब तक स्वीकृति नहीं मिली है।
इसके साथ ही एक और गंभीर समस्या सामने आई—
उप स्वास्थ्य केंद्र भवन बना, पर संचालन नहीं
ग्राम पंचायत कनकी में 10 बेड का उप स्वास्थ्य केंद्र भवन कई वर्ष पहले बनकर तैयार हो चुका है।
बावजूद इसके, आज तक इस अस्पताल का संचालन शुरू नहीं किया गया है।
भवन खाली पड़ा है और धीरे-धीरे जर्जर होने की स्थिति में पहुंच रहा है।
ग्रामीणों की परेशानी
इलाज के लिए लोगों को दूरस्थ शहरों या अन्य गांवों में जाना पड़ता है।
समय पर उपचार नहीं मिलने से बीमार, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाओं को सबसे ज्यादा दिक्कत होती है।
आपात स्थिति में उचित स्वास्थ्य सुविधा के अभाव में जोखिम बढ़ जाता है।
शिविर में क्या मांग की गई?
ग्रामीणों ने प्रशासन से आग्रह किया कि:
उप स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर, नर्स और आवश्यक स्टाफ की नियुक्ति की जाए।
अस्पताल में दवाइयों और उपकरणों की व्यवस्था कर इसे जल्द से जल्द शुरू किया जाए।
सड़क और स्वास्थ्य—दोनों सुविधाओं को प्राथमिकता में रखकर त्वरित कार्रवाई की जाए।
संभावित लाभ
यदि सड़क और स्वास्थ्य केंद्र दोनों चालू हो जाते हैं:
ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं गांव में ही मिलेंगी।
छात्रों और आम नागरिकों का आवागमन सुगम होगा।
क्षेत्र में जीवन स्तर और विकास दोनों में सुधार आएगा।
कनकी क्षेत्र के ग्रामीण अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि जमीनी कार्रवाई चाहते हैं। सड़क और स्वास्थ्य केंद्र जैसी बुनियादी सुविधाएं किसी भी क्षेत्र के विकास की नींव होती हैं। अब यह प्रशासन पर निर्भर करता है कि वह इन मांगों को कितनी गंभीरता से लेते हुए उन्हें पूरा करता है।







